Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
  • Home
  • Contact Us
  • About Me
  • Q & A
  • Article's स्वास्थ्य लेख
  • Panchakarma(पंचकर्म)
  • Common Article
  • Specific article (विशेष लेख)
  • VIDEO
  • सिर के जूं - रक्त पिपासु पिशाच आपके सर पर


         जुओं की समस्या ज़्यादातर 3 से 12 वर्ष के बच्चों में पाई जाती है। लेकिन यह समस्या किसी को भी परेशान कर सकती है।
    जुओं का आहार और खान पान मनुष्य का रक्त होता है। वह जिसके सिर में रहती हैं उसका रक्त पीकर जीती हैं। इनको "पिशाच"कहा जा सकता हे|
    इनकी उपस्थिति शारीर में रक्त की कमी का कारण बन सकती हे| इनके कारण बच्चे चिडचिडे,हो जाते हे उनका मन किसी भी कम में नहीं लगता |
    जुएँ क्या हैं ?
    जुएँ बहुत ही महीन, पंख रहित कीड़े होते हैं जो सिर में आसानी से नज़र नहीं आते। वे भूरे और स्लेटी रंग की होती हैं और हर जूँ की लम्बाई चौड़ाई एक तिल से ज़्यादा नहीं होती। सिर की जुएँ, माता पिता, बच्चों, स्कूल और स्वास्थ्य की देखभाल करनेवालों की सहायता से नियंत्रण में की जा सकती हैं।
    जुएँ कैसे फैलती हैं
    सिर की जुएँ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क में आने के कारण स्थानांतरित होती हैं। संदूषित कंघियाँ और हेयर ब्रश इस्तेमाल करने से, या संदूषित चद्दरें, तौलिये या शावर कैप मिल  बाँट कर इस्तेमाल करने से सिर की जुएँ फैलती हैं।
    सिर में जुएँ होने के लक्षण
    बालों में किसी चीज़ के चलने का एहसास।
    जुओं के काटने के कारण सिर में खुजली का एहसास।
    जुओं के काटने से सिर में घाव, जो कभी कभी संक्रमित हो सकते हैं।
    सिर के जुओं का घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार

    • अमरुद के पत्तों को पीसकर हल्दी के साथ मिलाकर मिश्रण बना लें और नहाने से दो घंटे पहले सिर पर मल दें। इससे आपको जुओं से छुटकारा मिल जायेगी।
    • नीम के पत्तों को पीसकर नहाने से 2 घंटे पहले सिर पर लगाने से भी जुओं से छुटकारा मिलता है।
    • निबौली (नीम का तैल), सरसों या माजूफल का तेल लगाने से या अरिठे का फेन लगाने से जूँ और लीखें मर जाती हैं।
    • तुलसी के पत्ते पीसकर सिर पर लगा लें, उसके बाद सिर पर कपड़ा बांध लें। सारी जुएँ मरकर कपडे से चिपक जायेंगी, और ऐसा दो तीन बार करने से पूर्ण रूप से जुएँ साफ़ हो जायेंगी।
    • आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर और एक कप दही दो चम्मच नींबू के रस के साथ मिलाकर, नहाने से 20 मिनट पहले सिर पर लगाने से सिर की जुओं का पूर्ण रूप से खात्मा होता है। पर एक बात याद रखें कि नहाते वक़्त अपनी आँखें बंद रखें वर्ना काली मिर्च का पाउडर आपकी आँखों को जलन से परेशान कर सकता है।
    • नींबू के टुकड़े को सिर पर रगड़ने से या नींबू का रस नारियल के तेल के साथ मिलाकर सिर पर लगाने से भी जुएँ पूर्ण रूप से नष्ट हो जाती हैं।
    • नीम के पत्ते और तुलसी के पत्ते तकिये के नीचे रखने से जुओं की समस्या काफी हद तक ख़तम हो जाती है।
    • लहसून का कसैला स्वाद भी जुओं को मारने में सहायक सिद्ध होता है। नहाने से पहले लहसून की लेई नींबू के रस के साथ मिलाकर सिर पर लगाने से भी जुओं को नष्ट करने में मदद मिलती है।
    • सिर के से बालों को नियमित  धोने से भी 2 दिन के अंदर जुएँ नष्ट हो जाती हैं।
    • तीन चम्मच नींबू रस को एक चम्मच मक्खन में मिलाकर अपने बालों में 15 मिनट के लिये लगाकर रखें। उसके बाद बालों को धो दें। यह जुओं के लिये बहुत ही आसान उपचार है।
    बचाव

    घर की साफ़ सफाई बनाये रखें। बालों की कंघियों और हेयर ब्रश की नियमित रूप से सफाई करें। जुओं से ग्रस्त व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल की गयी चद्दरें, तकियों के आवरण वगैरह गर्म पानी से वॉशिंग मशीन में अच्छी तरह धोएं। हो सके तो घर की सफाई वैक्यूम क्लीनर से करें।
    सिर के जुओं का इलाज जल्द से जल्द करना चाहिये क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह बालों की जड़ों को कमज़ोर कर सकती हैं, जिससे खुजली और बालों के झड़ने की संभावना हो सकती है।

    समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

    स्वास्थ /रोग विषयक प्रश्न यहाँ दर्ज कर सकते हें|

    स्वास्थ है हमारा अधिकार

    हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

    चिकित्सक सहयोगी बने:
    - हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल परामर्श चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|