Rescue from incurable disease

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लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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Irregular life invitation to serious diseases? अनियमित जीवन गंभीर रोगों को आमंत्रण ?


 अनियमित जीवन गंभीर रोगों को आमंत्रण ?

आज का स्वास्थ्य संदेश- क्या आप जानते हैं ?

 संसार की समस्त प्राकृतिक और पशु पक्षियों सहित प्राणी मात्र की गतिविधियाँ तो एक निश्चित समय पर सतत चलती रहतीं हैं| परन्तु हम अधिकांश इंसान अक्सर अपने जीवन की गतिविधयां विशेषकर खाने-पीने का समय नियमित नहीं रखते|

इस अनियमितता का परिणाम है, --- गंभीर रोगों का आमंत्रण { नींद का न आना, बेचेनी, से करवट बदलना, अपचन, विवंध (शोच में कमी) कब्ज, ववासीर, पेचिश , वजन का बढना, और इससे आगे चलकर गंभीर, लीवर रोग, उदर रोग, मूत्र रोग, किडनी, रोग, मेटाबोलिक रोग, प्रोस्टेट बड़ने, आदि जैसे गंभीर रोग}

हिन्दू और जैन धर्म की मान्यता के अनुसार, यदि स्वास्थ जीवन भर ठीक रकना है तो सायंकाल बाद और रात्रि गरिष्ठ भोजन को त्याग दें| और भोजन नाश्ता, चाय, दोपहर भोजन ,रात्रि भोजन आदि सही समय पर होना चाहिए|

प्रतिदिन प्रात अच्छा नाश्ता खाना जरुरी होता है, क्योंकि रात्रि भोजन के बाद १० से १२ घंटे व्यतीत हो चुके होते हैं| इस समय शरीर को अच्छी केलोरी की जरुरत होती है|

नाश्ते के ४  से ५ घंटे बाद दोपहर का खाना खाना चाहिए| अर्थात यदि नाश्ता 7 बजे लिया है तो १२ बजे के लगभग खाना खाना आवशयक है|

दोपहर के इस भोजन या लंच के बाद या ४ घंटे बाद बूस्टर डोज के रूप में फल, खाना उचित है|

दोपहर के भोजन के लगभग ८ घंटे बाद डिनर या रात्रि भोज खाना चाहिए| रात्रि के इस खाने में अच्छे स्वास्थ्य बनांये रखने सुपाच्य और दोपहर की तुलना में हलका कम केलोरी वाला खाना खाना चाहिए| चूँकि इस भोजन के ३ से ४ घंटे में सो जाया करते हैं इसलिए पूरी पकवान और वर्तमान में डिनर पार्टियों में परोसा जाने वाला गरिष्ठ खाना पचाने में शरीर को मुश्किल आती है, इसका परिणाम कई  गंभीर रोगों के द्वारा खोलता है| प्रारम्भ में युवा वस्था में तो इन समस्याओं का पता नहीं चलता पर जब कई वर्ष भोजन की अनियमितता चलती रहती है तब प्रोड़ावस्था, या बुडापे के रोगों के रूप में बेवक्त, और रात्रि के गरिष्ठ भोजन के दुष्परिणाम आते हैं और तब तक देर हो चुकी होती है, वापिस स्वस्थ जीवन नहीं पाया जा सकता| 

हिन्दू धर्म में, और जैन धर्म में इसी कारण सूर्यास्त के बाद भोजन निषिद्ध किया है| हमारे अधिकांश जैन भाई इस का पालन करते है पर हिन्दू भाई इस को भूल गए है, और पश्चात डिनर में गरिष्ठ भोजन को आदर्श मान रोगों को आमंत्रित करते रहते हैं|

आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार भी भोजन का क्रम उपरोक्त होना चाहिए|

कुछ विद्वानों ने प्रात: का भोजन रईसों की तरह अधिक केलोरी वाला, दोपहर का भोजन मध्यम वर्गीय सामान्य, और रात्रि भोजन गरीबों के भोजन के सामान, रुखा सुखा, कम केलोरी वाला सुपाच्य रखने की सलाह देते हैं| यह भोजन मन्त्र स्वास्थ के लिए सर्वथा उपयुक्त है|

मधुमेह आदि के रोगियों के लिए तो इससे अच्छा कोई विकल्प नहीं|    

वैद्य मधुसूदन व्यास l

1-2- चैत्र शुक्ल 2080 / 7 मार्च 2023

पूर्व जिला आयुष अधिकारी उज्जैन

वात्सल्य सेवार्थ ओषधालय

MIG 4/1 प्रगति नगर उज्जैन मप्र.

 

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समस्त चिकित्सकीय सलाह, रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान (शिक्षण) उद्देश्य से है| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| इसका प्रकाशन जन हित में आयुर्वेदिक चिकित्सा के ज्ञान, सामर्थ्य, हेतु किया जा रहा है। चिकित्सा हेतु नजदीकी प्राधिक्रत आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेँ। चिकित्सक प्रशिक्षण हेतु सम्पर्क करै।

Self care from Covid 19 - WHO Instructions (कोविड 19 से स्वयं की देखभाल - डब्लू एच ओ निर्देश)

कोविड 19 से स्वयं की देखभाल-- डब्लू एच ओ निर्देश

अगर किसी ऐसे व्यक्ति से आपका संपर्क हुआ है जिसे COVID-19 है, तो ये चीज़ें करें:- 

  1. अपने डॉक्टर या COVID-19 हॉटलाइन पर कॉल करके पता करें कि आप कब और कहां टेस्ट करवा सकते हैं|
  2. वायरस को फैलने से रोकने के लिए, उन प्रक्रियाओं में सहयोग करें जिनसे पता लगाया जाता है कि आप किस-किस के संपर्क में आए थे|
  3. अगर टेस्ट करवाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो 14 दिनों के लिए दूसरे लोगों से दूर, घर पर रहें|
  4. जब आप क्वॉरंटीन में हों, तब काम, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं| ज़रूरत का सामान किसी व्यक्ति से घर पर ही मंगवा लें|
  5. दूसरे लोगों से कम से कम 1 मीटर की दूरी बनाए रखें, यहां तक कि अपने परिवार के लोगों से भी|
  6. दूसरे लोगों की सुरक्षा के लिए मेडिकल मास्क पहनें, अगर आपको चिकित्सा देखभाल की ज़रूरत हो, तब भी मास्क पहनें|
  7. अपने हाथों को बार-बार साफ़ करते रहें|
  8. परिवार के अन्य लोगों से अलग, किसी दूसरे कमरे में रहें| अगर ऐसा संभव न हो, तो मेडिकल मास्क पहनें|
  9. कमरे में हवा आने-जाने के लिए खिड़कियां-दरवाज़े खुले रखें
  10. अगर आप किसी अन्य व्यक्ति के साथ कमरे में रहते हैं, तो दोनों के बिस्तरों के बीच कम से कम 1 मीटर की दूरी होनी चाहिए|
  11. 14 दिनों तक खुद पर नज़र रखें कि बीमारी का कोई लक्षण तो नहीं दिख रहा है|

अगर आपको इनमें से कोई भी खतरे के संकेत मिले तो तुरंत अपने डॉक्टर को कॉल करें: सांस लेने में परेशानी, बोल न पाना या हिल-डुल न पाना, उलझन या सीने में दर्द|

अपने करीबी लोगों से फ़ोन या इंटरनेट के ज़रिए ऑनलाइन जुड़े रहकर और घर पर कसरत करके, सकारात्मक बने रहें|

who|int पर जाकर ज़्यादा जानें

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समस्त चिकित्सकीय सलाह, रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान (शिक्षण) उद्देश्य से है| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| इसका प्रकाशन जन हित में आयुर्वेदिक चिकित्सा के ज्ञान, सामर्थ्य, हेतु किया जा रहा है। चिकित्सा हेतु नजदीकी प्राधिक्रत आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श लेँ। चिकित्सक प्रशिक्षण हेतु सम्पर्क करै।

Be careful also those who have been given the Corona Vaccine (सावधान वे भी रहें जिन्हें अभी कोरोना वैक्सीन लगा है)

Be careful also those who have been given the Corona Vaccine: -
सावधान वे भी रहें जिन्हें अभी कोरोना वैक्सीन लगा है :-

कोरोना वैक्सीनेशन गति पकड़ रहा है, पर जिन्हें एक डोज लग चुकी है वे अभी भी सावधान रहें।
दूसरी डोज लगने के 15 दिन बाद ही आपका शरीर कोरोना से सुरक्षित हो पाएगा । अर्थात आप कोरोना वायरस के संपर्क में आएंगे लेकिन वह आपके शरीर पर असर नहीं कर पाएगा।
ऐसे में पहली वैक्सीन लगने से 43 दिन तक आप असुरक्षित हैं लेकिन 44 वें दिन आप सुरक्षित हो जाएंगे. लिहाजा इस पूरी प्रक्रिया में करीब डेढ़ महीने का वक्त लगेगा। हालांकि इसके बावजूद लापरवाही बरतने की जरूरत नहीं है बल्कि कोरोना से बचने के सभी उपाय करने की जरूरत है। इसकी मुख्य वजह है कि आप तो सुरक्षित हैं, लेकिन वाइरस आपके शरीर में हो सकता है वह अन्य को आपके द्वारा बरती जा रही सावधानियों से ही बचा सकेगा।
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Won't the corona grow in unlock?(क्या कोरोना अनलॉक में अधिक नहीं बढेगा?)

क्या कोरोना अनलॉक में अधिक नहीं बढेगा

डॉ मधु सूदन व्यास उज्जैन 30/08/2020

पिछले छे माहों से आतंक फैलाने वाली कोविड या कोरोना महामारी को रोकें हेतु, शासन ने अनलॉक की नई गाइड लाईन जारी की है, इसमें कुछ ही व्यवस्थाओं को छोड़कर अधिकतम को मुक्त कर दिया है|  

इस विषय में मेरा यह मानना है कि, शासन की अनलॉक करने की प्रक्रिया पूरी तरह एक सोचा समझा समझदारी का निर्णय है। इससे आर्थिक, रोजगार, आदि समस्याओं, से छुटकारे की ओर बढ़ेंगे।

Beware: - With The repeated Tonsillitis- you can be a victim for a lifetime, of disability, arthritis, or gout?

सावधान :- बार-बार टांसिलाइटिस होने से,  आप जीवन भर के लिए हो सकते हैं शिकार - अपंगता, आमवात,  या गाउट के ?

  • टोंसिलाइटिस सामन्यत: जल्दी ठीक हो भी जाता है पर-- ?
  • इसे सामान्य रोग समझ कर उपेक्षा कर वेपरवाह रहना जीवन भर का संकट उत्पन्न कर सकता है। 
  • टोंसिल्स बार-बार होते रहने से क्या हो सकता है?
  • कोई नहीं चाहेगा कि युवा वस्था के बाद ही इस प्रकार का रोग उसे हो।
  • कैसे बचेंगें ?
  • टोंसिल्स बढ़ने को रोकने के लिए होने के कारण हटाना होगा? 
  • बड़ी ही आसान है - चिकित्सा ? 

टोंसिलाईटिस क्या है? 

Why are more restrictions in Ayurvedic medicine? (आयुर्वेद चिकित्सक अधिक परहेज क्यों बताते हें?)

आयुर्वेदिक चिकित्सा में अधिक प्रतिबंध क्यों होता है? या 
आयुर्वेद चिकित्सक अधिक परहेज क्यों बताते हें?
इस प्रकार के कई प्रश्न अक्सर किये जाते हें| इस बात को जानने के लिए पढिये निम्न जानकारी:- 

हर व्यक्ति स्वस्थ्य रहना चाहता है, वह यह भी चाहता है की उसे कभी भी कोई रोग या कष्ट न हो|
यदि सचमुच में निरोगी रहना चाहता है, तो उसे रोग या कष्टों का कारण भी जानना होगा|
पर अक्सर जब इनका कारण वह तब जान पाता है जब वह किसी न किसी रोग या कष्ट से प्रभावित हो जाता है| कारण दुःख होने के बाद ही इस और विचार करता है, यदि स्वस्थ-अवस्था में ही यह जानकारी हो जाये to रोग होगा ही क्यों? 
यदि अभी स्वस्थ है और आगे भी स्वस्थ रहना चाहते हें?
अथवा आपको निम्न में से कोई भी कष्ट, या रोग है और आप उसे दूर करना चाहते हें तो आपके लिए यह जानकारी वाला लेख पड़ना चाहिए|

Heart disease, stroke, blood pressure diabetes ie are easily available 24 Hours X 7 days at every corner shop in our country?


हृदय रोग, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर मधुमेह, आदि आसानी से हमारे देश में हर कोने की दुकान में 24 घंटे X 7 दिन उपलब्ध हैं?
क्या ह्रदय रोग, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर मधुमेह, चोबीस घंटे सात दिन अर्थात हर समय हमारे देश में हर नुक्कड़ दुकान पर मिलता है?
जी हाँ यह बिलकुल सत्य है! और इनके कारण ही विश्व स्वास्थ्य संगठन भी चिंतित है! 

Prayer after Awakining.(प्रात:स्मरण).

Prayer after Awakining.
प्रात: स्मरण आयुष्य, जीवन रक्षक, जीवन-शक्ति, Lifemanship है|
अक्सर सुबह का टेलीफोन सन्देश किसी परिजन को लकवा (Paralysis)होने, दिल का दोरा (Heart attack), मस्तिष्क अघात (Brain Stroke), या मृत्यु (Death) होने जैसा दुखद समाचार देता है|

Varicose veins Or Siraja Granthi – Can cause of death.

Varicose veins Or Siraja Granthi –It can cause of death.
अपस्फीत शिराएँ (वैरिकाज़ वेंस) या सिराज ग्रंथि- भी मृत्यु का कारण हो सकतीं है|
जी हाँ वैरिकाज़ वैन्स या सिराज ग्रंथियां जो जिम्मेदार हो सकतीं हैं पैरों में गम्भीर घाव या अल्सर (Ulcers), शिराओं में रक्त के थक्के (Blood clots) बनने और उनके ह्रदय तक पहुंचकर हृदय रोग (Cardiovascular or Heart Disease), बनने में, या गंभीर रक्तस्राव जो मृत्यु (Death) का कारण?
क्या हैं ये सिराज ग्रंथियां? 

By continuously sitting on a long journey or resting on the bed, your blood may be frozen (clotting) and the cause of serious illness?

लगातार बैठकर लंबी यात्रा करने, या बिस्तर पर लगातार आराम करने से, आपका रक्त जम कर हो सकता है और गंभीर बीमारी "त्रिदोषज शिरा गत घनास्त्रता" का कारण? 
 Tridoshaj shira gat Ghanastrta 
चालीस वर्ष की आयु पार स्त्री पुरुषों, विशेषकर आराम तलब, मोटे, और ऐसे लोग जो किसी बीमारी, आपरेशन, आदि के बाद लम्बे समय तक आराम करते हें, या बैठकर कार, बस आदि में लम्बी यात्रायें लगातार करते रहते हें, उनके परों की रक्त वाहिनियों में सूजन, खड़े होते समय, या चलते समय पेरों में दर्द, सूजन सहित जलन का अहसास होने लगता है, कभी कभी त्वचा का रंग भी बदला हुआ दिखाई देने लगता हैसाँस लेने में कष्ट, जल्दी जल्दी साँस लेना, दिल की धड़कन बढ़ जाना जैसी कठिनाई का सामना करना पढता है
           इसका कारण खून के गाढ़ा होने से थक्कों का बनाना हो सकता है
|

Eating more fat leads to impotence.- Experiments & Results.

अधिक वसा सेवन से हो जाती है नपुंसकता- एक शोध परिणाम
देखा जाता है की पुरुष सबसे अधिक सचेत अपने पुरुषत्व के प्रति होता है| वह जीवन भर केवल यही चाहता है की वह हमेशा “मर्द” बना रहे| पुरुषत्व या मर्दानगी का कारण शुक्राणु का शरीर में बनते रहना होता है| परतु आश्चर्य की बात है की स्वाद और आनंद के लिए वर्तमान में जो भी चिकनाई युक्त खाना खाता वे शुक्र उत्पादन को कितनी हानि पहुँचा सकते हें यह वह नहीं जानता|  
हमारे देश में प्रतिदिन हलवा, खीर, पूरी मिठाइयाँ और पकवान, और कई मांसाहारी पकवान बनाये और खाए जाते हें, इन पकवानों को पोष्टिक भी माना  जाता है| 

Be careful about the fun foods?

आज से ही सोंचे आपको कैसा भविष्य/बुडापा चाहिए?
हमारी जिव्हा (जीभ) या रसना -
अर्थात स्वाद की अनुभूति (पता) करने वाला मुहं का यंत्र प्रकृति ने ज्ञान के लिए हमें दिया है, यह हमारी बोलने या भाषा द्वारा भावों को आदान प्रदान में भी सहायक होती है|
पर अधिकतर हम इसका दुरूपयोग करते हें, बोलेने से होने वाले लाभ हानी स्वास्थ्य के विचार से छोड़ दें, तो हम पायेंगें वर्तमान में जितने भी कष्ट रोग ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रोल, फिर हार्ट डिसीज, मोटापा या शरीर का प्रत्येक अंग किसी न किसी रोग से ग्रस्त होता है तो आदि होते हें उसके पीछे भी सिर्फ यही जिव्हा ही है|
हकीम लुक़मान का कहना है " आदमी अपनी जीभ से अपनी कब्र खोदता है"।

Before Marriage is essential to match the body's horoscope.

क्यों विवाह पूर्व अधिक जरुरी है- 
- शरीर की कुंडली मिलाना? 
चाहे माता-पिता आदि द्वारा तय किया विवाह (अरेंज्ड मेरीज) हो, या गंधर्व विवाह (लव-मेरिज) विवाह मूल रूप से सामाजिक सन्तति वर्धन की प्रक्रिया है, इसी कारण विवाह का सम्बन्ध युवक -युवती के शरीर और स्वास्थ्य से जुडा हुआ हो ही जाता है|   
कई समाजों में विशेषकर हिन्दुओं में जन्म कुंडली मिलाना प्राथमिक माना जाता है, या इसके जैसी ही अन्य बातों पर धर्म के मान से विचार किया जाता है| “पड़े-लिखे” जो स्वयं को विद्वान समझते हें वे भी कुंडली मिलान या इस प्रकार की परम्परा को प्राथमिक आवश्यकता मानते हें|

How dangerous it is to walk barefoot on a green grass, sand or soil.

कितना खतरनाक है, हरी घास, मिट्टी, या रेत पर नंगे पैर चलना
हरी घास, मिट्टी या रेत पर नंगे पैर चलने और घुमने की इच्छा कई लोगों की होती है, कई लोग इसके लिए कहते और आग्रह करते हुए भी देखे जाते हें, बेशक इससे कुछ लाभ जिनमे तनाव से मुक्ति, जैसे कई लाभ भी होते हें, परन्तु यह जानना भी जरुरी है की घास, रेत या जमीन पर बिना जूते घूमना अत्यंत हानि कारक भी हो सकता है|
वर्तमान स्तिथियों में एक चिकित्सक के दृष्टिकोण से, और चिकित्सा के लिए पिछले 40 वर्षों के अनुभव अनुसार मेरा मानना है की कहीं भी, विशेषकर सार्वजानिक बाग़-बगीचों, सड़कों, मैदानों, नदी या समुद्र के किनारे वाले या इस जैसे स्थानों पर बिना जूते पहिने घूमना लाभ 20% की तुलना में नुकसान देह 80%, अधिक है| 

Freedom from the big crisis by examining diseases at the time. {समय पर रोगों की जांच बड़े संकट से मुक्ति|}

समय पर रोगों की जांच बड़े संकट से मुक्ति|  
कुछ लोग ज्योतिषी से भविष्य पूछते हें, जबकि सच्चा भविष्य ज्ञान तो किसी चिकित्सक की जाँच लेब में ही मिल सकता है|  पर अक्सर सामान्य स्तिथि में जाँच करने जाने से डरते हें|  
डरें नहीं, 
जांचों में कोई खतरा नहीं होता-
किसी जाँच से कोई रोग हो नहीं जाता-
जब अच्छा और सुखी जीवन जीने के लिए हम भोजन, भोग-विलास आदि पर व्यय कर सकते हें तो कुछ व्यय उसे वैसा ही सुखी रखने में क्यों नहीं करते? 

Careful - From the spray in the toilet.

सावधान - शौचालय में उठने वाली फुहार (spray) से! 
Your toilet too can make your family sick.  आपका टॉयलेट भी आपके परिवार को बीमार  बना सकता है| 
कहीं आपका टॉयलेट ही आपके परिवार को बीमार नहीं बना रहा है? 
आप रोगों के प्रति बड़ा ही सावधानी पूर्ण नजरिया रखते हें, रेल, बस, और सार्वजानिक स्थानों पर किसी के भी खांसते या छींकते समय आप बड़े ही सावधान होते हें, की उनके मुहं से निकली फुहार (स्प्रे), या एरोसोल आपकी साँस के साथ अन्दर न चली जाये| 
परन्तु अधिकतर लोग यह नहीं जानते की शोच के बाद जब हम फ़्लैश चलाते हें तो भी बड़ी ही तेजी से फुहार या एरोसोल ऊपर की और उठती है, जो नजदीक से अनुभव भी की जा सकती है|  

What & Why- do not eat, in the rainy season?

क्या और क्यों - वर्षा ऋतू में नहीं खाना चाहिए? 
         हर मोसम में कई खाद्य हानि कारक होते हें पर अक्सर कुछ लोग कहते सुने जाते हें की "वे तो खाते हें उन्हें कुछ नहीं होता" 
        वारिश के मोसम में पत्तेवाली सब्जियां और विशेष रूप से जो सीधे जमींन पर लगतीं हें जैसे पालक, मेथी आदि, नहीं खाना चाहिए| -

Beware from diabetes.मधुमेह से सावधान,

सावधान आपको मधुमेह {Diabetes} हो रहा ही या होने वाला है:-,
 यह इस बात पर निर्भर है की निम्न में से कितने लक्षण आप पर दिख रहे हें!

Be careful your blood pressure has increased.

सावधान आपका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है!! 
  • आपको क्रोध (गुस्सा) अधिक आ रहा है?
  • दिल की धड़कन बड रही है
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चिकित्सा सेवा अथवा व्यवसाय?

स्वास्थ है हमारा अधिकार १

हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

निशुल्क परामर्श

जीवन के चार चरणौ में (आश्रम) में वान-प्रस्थ,ओर सन्यास अंतिम चरण माना गया है, तीसरे चरण की आयु में पहुंचकर वर्तमान परिस्थिती में वान-प्रस्थ का अर्थ वन-गमन न मान कर अपने अभी तक के सम्पुर्ण अनुभवोंं का लाभ अन्य चिकित्सकौं,ओर समाज के अन्य वर्ग को प्रदान करना मान कर, अपने निवास एमआइजी 4/1 प्रगति नगर उज्जैन मप्र पर धर्मार्थ चिकित्सा सेवा प्रारंंभ कर दी गई है। कोई भी रोगी प्रतिदिन सोमवार से शनी वार तक प्रात: 9 से 12 एवंं दोपहर 2 से 6 बजे तक न्युनतम 10/- रु प्रतिदिन टोकन शुल्क (निर्धनों को निशुल्क आवश्यक निशुल्क ओषधि हेतु राशी) का सह्योग कर चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकेगा। हमारे द्वारा लिखित ऑषधियांं सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल स्टोर से क्रय की जा सकेंगी। पंचकर्म आदि आवश्यक प्रक्रिया जो अधिकतम 10% रोगियोंं को आवश्यक होगी वह न्युनतम शुल्क पर उपलब्ध की जा सकेगी। क्रपया चिकित्सा परामर्श के लिये फोन पर आग्रह न करेंं। ।

चिकित्सक सहयोगी बने:
- हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म चिकित्सा में रूचि रखते हैं, ओर प्रारम्भ करना चाह्ते हैं या सीखना चाह्ते हैं, तो सम्पर्क करेंं। आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| सम्पर्क समय- 02 PM to 5 PM, Monday to Saturday- 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल एलोपेथिक चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|

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