Infertility or Impotence in men and women.[पुरुष-स्त्रियों में बांझपन या नपुंसकता].
"Uttar Basti" - Panchakarma Process, by male and female genitals and urinary tract.
पुत्रजीवक (PUTRANJEEVAK-Puntrajiva roxburghii) क्या सचमुच पुत्र (संतान) प्राप्ति के लिए है?
श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिआ या लिकोरिआ (Leukorrhea) या "सफेद पानी आना"
पोरुषीय शक्ति [सेक्सुयल पावर] - केसे मिले ?
- काम शक्ति का स्त्रोत -सालम मिश्रीओर उसके चमत्कार। -से काम शक्ति, मेघा शक्ति, जीवनी शक्ति, रोग निवारण शक्ति [ईमूयनिटी पवार] पूरे एक वर्ष तक सूरक्षित हो जाता हे।
- पुरुषत्व बढाने/ और शक्ति(स्त्री-पुरुष दोनों को) दे.ने बाले खाद्य और आयुर्वेदिक औषधियां | --
हाइपोथायरायडिज्म-थायरॉयड हॉर्मोन का अपर्याप्त उत्पादन |
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| हाइपोथायरायडिज्म-थायरॉयड हॉर्मोन का अपर्याप्त उत्पादन| चिकित्सा के छात्रों सहित सामान्य जन के लिए भी उपयोगी लेख। |
हाइपोथायरायडिज्म प्रसव पश्चात थायरोडिटिस (postpartum thyroiditis) के परिणामस्वरूप भी हो सकता है, यह एक ऐसी स्थिति है जो लगभग 5% महिलाओं को बच्चे को जन्म देने के बाद एक वर्ष के भीतर प्रभावित करती है।
हाइपोथायरायडिज्म कभी कभी आनुवंशिकी के परिणामस्वरूप भी होता है, कभी कभी यह गुणसूत्र (autosomal) पर अप्रभावी लक्षण (recessive) के रूप में भी पाया जा सकता हे।
लक्षण
- मांसपेशियों की कार्य क्षमता की कमी (मस्कुलर हाइपोटोनिया)
- थकान ।
- सर्दी (कोल्ड)को सहन करने की क्षमता में कमी, सर्दी के प्रति बहुत अधिक संवेदनशीलता का होना, या ठण्ड नहीं सहन हो पाना।
- मानसिक डिप्रेशन या अवसाद।
- मांसपेशियों में अकड़न और जोड़ों में दर्द।
- गलगंड (Goiter)गले की रस वाहनियों में सुजन से बढना |
- अंगुलियों के नाखुन पतले और भंगुर (आसानी से टूटने वाले)हो जाना ।
- पतले, भंगुर (आसानी से टूटने वाले) बाल।
- शरीर या चेहरे पर पीलापन।
- पसीना कम आना।
- शुष्क, खुजली वाली त्वचा का होना।
- वजन का बढ़ जाना और प्यास अधिक लगाना ।
- ब्रेडीकार्डिया (Bradycardia) (ह्रदय धडकन कम होना-प्रति मिनट साठ धड़कन से कम)
- कब्ज (शोच कम या नहीं जाना )
- रोग के बड़ने के साथ अन्य लक्षण भी आ जाते हें।
- धीमी आवाज और एक कर्कश और टूटती हुई आवाज (हकलाहट) आवाज में गहराई या भारीपन भी देखी जा सकती है।
- शुष्क फूली हुई त्वचा, विशेष रूप से चेहरे पर।
- भौहों के बाहरी तीसरे हिस्से का पतला होना, (हेर्टोघ (Hertoghe) का चिन्ह)
- महिलाओं में असामान्य मासिक चक्र हो जाना।
- शरीर के आधारभूत तापमान में कमी
- कभी कभी कुछ और लक्षण भी पाए जा सकते हें।
- याददाश्त कमजोर होना स्मरण शक्ति कम हो जाना।
- सोचने-समझने की क्षमता का कमजोर होना (दिमाग में धुंधलापन) और असावधानी या बार बार भूलें होना।
- ह्रदय दर का धीमा होना, जिसमें कम वोल्टेज के संकेत शामिल हैं. कार्डियक आउटपुट का कम होना और संकुचन में कमी। यह लक्षण चिकित्सक ECG से जान लेता हे।
- खाने के बाद भी ग्लूकोज की कमी ( हाइपो ग्लाईसिमिया )
- शरीर के प्रतिक्रियाओं (रिफ्लेक्स) का धीमा और सुस्त होना। या कोई भी प्रतिक्रिया देरी से होना।
- बालों का झड़ना।
- अनुपयुक्त हीमोग्लोबिन संश्लेषण के कारण एनीमिया (रक्ताल्पता) आंतों में लौह तत्व या फोलेट का अनुपयुक्त अवशोषण या B 12 की कमी पर्निशियस एनीमिया (प्राणाशी रक्ताल्पता) के कारण.
- निगलने में कठिनाई
- सांस का छोटा होना और एक उथला और धीमा श्वसन ।
- नींद की अधिकता।
- चिड़चिड़ापन और मूड अस्थिर रहना
- त्वचा का पीला पड़ना-बीटा-कैरोटिन के विटामिन A में ठीक प्रकार से रूपांतरित न होने के कारण ।
- वृक्क (किडनी) के असामान्य कार्य और GFR में कमी।
- सीरम कोलेस्ट्रॉल के स्तर का बढ़ना।
- तीव्र मानसिकता (मिक्सेडेमा मेडनेस (myxedema madness)) हाइपोथायरायडिज्म का एक कभी कभी पाए जाने वाला रूप है।
- वृषण (टेस्टीकल्स ) से कम मात्रा में टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन के कारण कामेच्छा (सेक्स) में कमी।
- स्वाद और गंध को समझने में भूल या कमी (एनोस्मिया)
- फूला हुआ चेहरा, हाथ और पैर (देर से प्रकट होने वाले, सामान्य लक्षण होते हें।)
प्राथमिक हाइपोथायरायडिज्म के निदान के लिए, थायरॉयड उद्दीपक हॉर्मोन (TSH) का जाँच करते हैं। TSH के उच्च स्तर बताता हे की थायरॉयड ग्रंथि थायरॉयड हॉर्मोन का पर्याप्त उत्पादन नहीं कर रही है (मुख्य रूप से थायरोक्सिन (T4) और ट्राईआयोडोथायरोनिन (T3)) की कम मात्रा. हालांकि, TSH का मापन द्वितीयक (सेकेण्ड स्टेज) और तृतीयक(थर्ड स्टेज) हाइपोथायरायडिज्म का पता लगाने में असफल रहता है ।
फ्री ट्राईआयोडोथायरोनिन (fT3)/ फ्री लेवोथायरोक्सिन (fT4) / total T3 / total T4
इसके अतिरिक्त, निम्नलिखित जाँच की आवश्यकता भी हो सकती है।
24 घंटे यूरीन ( फ्री f T3)
एंटीथायरॉयड (प्रतिरक्षी-स्व प्रतिरोधी रोगों) के लिए जो संभवतया थायरॉयड ग्रंथि को क्षति पहुंचा रहें हैं.
सीरम कोलेस्ट्रॉल - जिसकी मात्रा हाइपोथायरायडिज्म में बढ़ सकती है।
प्रोलेक्टिन -पीयूष के कार्य के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध परीक्षण के रूप में।
एनीमिया के लिए परीक्षण,( फेरीटिन सहित)
शरीर के तापमान का रिकार्ड।
उपचार
हाइपोथायरायडिज्म का उपचार थायरोक्सिन (L-T4) ट्राईआयोडोथायरोनिन (L-T3) के साथ किया जाता है. इसके लिए गोलियां उपलब्ध हैं । अतिरिक्त थायरॉयड हॉर्मोन की आवश्यकता के समय मरीजों को इनकी सलाह दी जाती है. थायरॉयड हार्मोन को दैनिक रूप से लिया जाता है।
कुछ लोगों ने माना हे, की हाइपोथायरायडिज्म का ईलाज लेवोथायरोक्सिन से किया जा सकता है, यह हाइपोथायरायडिज्म के लिए यह एक प्रारूपिक उपचार हो सकता है, लेकिन इसके लाभ या नुकसान स्पष्ट नहीं हैं।
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|
अलसी यानी फ्लैक्सीड- सेक्स समस्याओं का उपचार
अलसी {अलसी स्टार फूड }एक जड़ी बूटी है जिसमें लिनोलेनिक नामक एसिड पाया जाता है जो कि ओमेगा 3 फैटी एसिड का महत्वपूर्ण स्रोत है। इतना ही नहीं अलसी एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर औषधी है जो कि व्यक्ति को प्रोटेस्ट कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से भी बचाती हैं।
अलसी का प्रयोग
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विरूद्ध आहार-विहार:अर्थ हे, एक साथ नहीं
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युवा रहने के लिए फल
यहाँ कारक है कि तुम हमेशा के लिए युवा रहने में मदद कर सकते हैं की कुछ कर रहे हैं:
भूल फल
जब फल वास्तव में याद किया जाता है, यह सिर्फ एक सेब या वहाँ एक केले है. लेकिन हम भूल जाते हैं कि क्या है कि ताजा फल पोषक तत्वों से भरपूर हैं. वे कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा में, मैग्नीशियम, विटामिन सी, लोहा, बीटा कैरोटीन और फोलिक एसिड प्रदान करते हैं और सुपर कम कैलोरी में हैं. ", एक फल एक दिन आप कि कभी चमक त्वचा की गारंटी कर सकते हैं" डॉ. Ritika Samaddar, मुख्य आहार विशेषज्ञ, मैक्स हेल्थकेयर कहते हैं.
खट्टे फल जैसे संतरे, कीनू, नीबू और grapefruits बड़ी मात्रा में भस्म किया जाना चाहिए के रूप में इन विटामिन सी में अमीर हैं यह कोलेजन के संश्लेषण, त्वचा के एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक प्रोटीन के लिए आवश्यक है.
ब्लूबेरी, blackberries, चेरी, लाल और बैंगनी अंगूर, बीट और बैंगनी गोभी एंटीऑक्सीडेंट यौगिकों, जो मदद से आप उन उम्र लाइनों को कम होते हैं.
Cantaloupe आड़ू, खुबानी और महत्वपूर्ण - विरोधी oxidants, जो अत्यंत उपयोगी होते हैं के लिए उम्र बढ़ने के खिलाफ लड़ाई है.
स्थानीय और मौसमी फल
यह उचित लगता है कि एक एकल फल उन झुर्रीदार हाथ और पैर की उंगलियों पर एक जादू कर सकते हैं नहीं है. फल की व्यापक रूप से उपलब्ध स्थानीय किस्मों के लिए चुनते हैं. मौसम में उत्पादन अपने 50 साल की उम्र में 30 देखने की इच्छा के लिए इष्टतम पोषण का महत्व प्रदान करता है.
समयोचित सेब की खपत बहुत रूप में यह कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देने. कोलेजन के उत्पादन के लिए त्वचा की लोच है जो wrinkling कम कर सकते हैं बनाए रखने के लिए आवश्यक है.
तरबूज़ विटामिन सी में अमीर तरबूज की 92% पानी है रहे हैं. यह हाइड्रेट आपके शरीर के लिए एक अच्छा तरीका है - सिर्फ एक स्वादिष्ट और मीठा ठग के लिए रस का उपयोग करें या सिर्फ दिन पर स्लाइस की जोड़ी को काटने के लिए रखने के लिए अपने युवाओं को हमेशा के लिए शुद्ध.
ब्लूबेरी विटामिन बी 6, सी, कश्मीर और आहार फाइबर में समृद्ध है. इन महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट के साथ अपने शरीर को बहुत प्रदान. अमेरिका में कृषि अनुसंधान सेवा द्वारा रासायनिक अध्ययन तथ्य यह है कि ब्लूबेरी रसायन, जो मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने के नीचे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होते हैं उजागर किया है.
फल फाइबर
Avocado, अमरूद, खूबानी, अंजीर, तारीख और करौदा के रूप में फाइबर अमीर फल अच्छा काम कर हालत में पाचन तंत्र रखने जबकि कब्ज और बवासीर (बवासीर) को समाप्त. सेब, प्लम, आड़ू और नाशपाती के रूप में वे फाइबर सामग्री में उच्च जैसे फल की त्वचा से छील मत करो.
भोजन की एक इंद्रधनुष
", इंद्रधनुष अवधारणा बनाता है यह आसान करने के लिए सफेद कबाड़ खाने याद नहीं है" मैक्स हेल्थकेयर के मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. Ritika Samaddar राज्यों. इस रंगीन संयोजन सरल carbs के खिलाफ सलाह देते हैं, साबुत अनाज और विविधता को बढ़ावा देता है, वह आगे बताया.
तो, हम सुरक्षित रूप से कह सकता हूँ कि समृद्ध रंग समृद्ध फल और इसके पोषक मूल्य के बराबर होती है. यह की तरह जो संयंत्र खुद की सुरक्षा के लिए एंटीऑक्सिडेंट और फाइटो - पोषक तत्वों के उच्च स्तर होते हैं एक इंद्रधनुष खाने 'है. Cranberries, खरबूजे, केले, प्लम और अंगूर जैसे चमकीले रंगों वाले फल खाने से हम हमारे शरीर में विटामिन और एंटी कि मुकाबला हमारी त्वचा में कोलेजन और elastin का टूटना है जो हमारी त्वचा फर्म और युवा रखने में मदद करता है. दे रहे हैं
रंगीन फल एंटीऑक्सिडेंट और अन्य phytonutrients कि आनुवंशिक क्षति के खिलाफ अपनी रक्षा को बढ़ावा देने का पूरा कर रहे हैं और तुम जवान रहने के लिए मदद करता है.
बस सुनहरा सोचा याद
अपने 20 देखो कुछ है जो आपकी त्वचा के नीचे छिपा हो सकता है. तो, आप सब करने की ज़रूरत है सिर्फ विनम्रता अपनी रसोई में चलना, कि रेफ्रिजरेटर खोलने और चबाना है कि आसानी से रंग का फल बैठे खाड़ी में आँख हलकों के तहत उन महंगी विरोधी उम्र बढ़ने लोशन, और झुर्रियों को रखना.
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याद्दाश्त बढ़ाने के कुछ टिप्स
- एक्टिव रहें
- सांस लें
- सीधा खड़े हो जायें और गहरी सांस लें। सांस लेते समय आसमान की ओर देखें। सांस छोड़ते समय अपनी चिन को चेस्ट की ओर करके ज़मीन की ओर देखें। ऐसा 7 बार करें।
- कुछ पढ़ते रहें
- स्वस्थ खायें
- हर्बल पदार्थो का सेवन
- नाक में तेल डालें
पुरुषत्व बढाने/ और शक्ति(स्त्री-पुरुष दोनों को) देने बाले खाद्य और आयुर्वेदिक औषधियां |
पुरुषत्व बढाने/ और शक्ति(स्त्री-पुरुष दोनों को) देने बाले खाद्य और आयुर्वेदिक औषधियां |पोरुषीय शक्ति [सेक्सुयल पावर] - केसे मिले ?:
निम्न कुछ खाद्य/आयुर्वेदिक द्रव्य के सेवन से इसको बरक़रार रखा जा सकता हे |
- क्षमता बढ़ाने में शहद तथा भीगे हुए बादाम या किशमिश को दूध में मिलाकर प्रतिदिन पीने से बहुत लाभ मिलता है।
- बादाम, किशमिश और मनुक्का को भिगोकर नाश्ते में लेने से भी लाभ होता है।
- हरी सब्जी और छिलकों वाली दाल का सेवन चपाती के साथ करें। चपाती मक्खन या मलाई के साथ लें।
- भोजन में सलाद का भरपूर उपयोग और प्याज, लहसुन तथा अदरक का संतुलित सेवन करें।
- शक्ति को बढ़ाने या बरकरार रखने के लिए प्राकृतिक भोजन का सेवन करना चाहिए। जैसे- अन्न, ताजी हरी सब्जियां, सलाद, बिना पॉलिश किया चावल, ताजे फल, सूखे मेवे, चोकरयुक्त आटे की रोटिया, अंकुरित खाद्यान्न, दूध, घी, अंडा तथा समुद्र से प्राप्त होने वाला भोजन इत्यादि।
- शाकाहार का सेवन करने से सेक्स क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है। इसमें आप दाल, अनाज, दूध तथा दूध से बने पदार्थ ले सकते हैं।
- तमाम शोधों में भी साबित हो चुका है कि मांसाहारी व्यक्ति की तुलना में शाकाहारी व्यक्ति और अधिक प्रभावशाली ढ़ंग से सेक्स करने में सक्षम होता है।
- आपको क्षमता बढ़ाने के लिए मांसाहारी के बजाय शाकाहारी भोजन लेना चाहिए और उसमें भी नियमित रूप से हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
- क्षमता में वृद्धि करने के लिए प्रोटीन और विटामिन बहुत मददगार साबित होते हैं। इसीलिए आपको अपने भोजन में प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थों को लेना चाहिए जिससे आपके शरीर में फुर्ती भी आएगी।आप प्रचूर मात्रा में प्रोटीन ले|
- फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट, पिज्जा, बर्गर एंव चाऊमीन आदि का सेवन नियमित रूप से करने से सेक्स ऊर्जा में कमी आने लगती है। ऐसे में इन चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
- क्षमता बढ़ाने के लिए पौष्टिक और संतुलित आहार लेना आवश्यक होता है। लिहाजा आपको तैलीय, मसालेदार और वसायुक्त भोजन को लेने से बचना चाहिए। इससे आप स्वस्थ होगे ही साथ ही आप अतिरिक्त कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ने से भी रोक पाएंगे, जो कि कई बीमारियों की जड़ है।
- डायटिंग करने, उपवास रखने से आप जरूरी कैलोरी नहीं ले पाते जिससे आपमें कमजोरी आ जाती है। जिससे "काम- Sex " के दौरान आपमें ऊर्जा की कमी के हो जाती है और आप बीमार भी पड़ सकते हैं। ऐसे में आप दिनभर में 2000 कैलोरीयुक्त भोजन अवश्य लें। इससे आप स्वस्थ भी रहेंगे।
गर्भधारण टिप्स
संभोग की कई ऐसी पोजीशंस बताई गई हैं, जो गर्भधारण में सहायक होती हैं। पति-पत्नी को इन पोजीशंस के बारे में पता होना चाहिए।
लोगों का मानना है कि संभोग के बाद यदि स्त्री पीठ के बल थोड़ी देर लेटी रहे तो गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।
ऐसा माना जाता है कि गर्भधारण के लिए दिन का समय सबसे अच्छा रहता है क्योंकि दिन के समय आप तरोताजा़ रहते हैं।
गर्भधारण के लिए जरूरी है कि महिलाएं माहवारी के समय गर्भधारण का प्रयास न करें।
सेक्स का ध्येय गर्भधारण है , तो संभोग के दौरान बहुत ज्यादा उत्साहित न हो।
गर्भधारण करना बहुत मुश्किल नहीं है लेकिन कुछ कपल्स के लिए ये एक जटिल समस्या बन जाता हैं। ऐसे में गर्भधारण न होने पर डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
कई बार पुरूषों या महिलाओं में किसी तरह का यौन विकार होने से गर्भधारण में परेशानी होती है। यदि ऐसा हो तो जल्द से जल्द चिकित्सा शुरू कर देनी चाहिए ।
पुरूष या महिला में किसी भी तरह का रोग होने पर बेझिझक डॉक्टरी सलाह लेनी चाहिए व अपने साथी को इस बारे में बताना चाहिए।
गर्भधारण के लिए मानसिक रूप से तैयार होना भी जरूरी है। कई बार गर्भधारण से पहले महिलाएं डरी हुई होती हैं या फिर उनमें कुछ चीजों को लेकर शंकाएं बनी रहती हैं। जिससे गर्भधारण में समस्या आती है । ऐसे में जरूरी हो जाता है कि महिलाएं पहले पूरी तरह से सुनिश्चित हो कि वाकई वे गर्भधारण और होने वाले बच्चे की परवरिश के लिए तैयार हैं या नहीं।
आज बदलती तकनीक ने जहां हमारी समस्याएं बढ़ाई हैं, वहीं कुछ बातें आसान भी की हैं। ऐसे में आप गर्भधारण से पहले थोड़ी प्लानिंग भी कर सकती हैं।
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें |.
चिकित्सा सेवा अथवा व्यवसाय?
स्वास्थ है हमारा अधिकार १
हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|
निशुल्क परामर्श
जीवन के चार चरणौ में (आश्रम) में वान-प्रस्थ,ओर सन्यास अंतिम चरण माना गया है, तीसरे चरण की आयु में पहुंचकर वर्तमान परिस्थिती में वान-प्रस्थ का अर्थ वन-गमन न मान कर अपने अभी तक के सम्पुर्ण अनुभवोंं का लाभ अन्य चिकित्सकौं,ओर समाज के अन्य वर्ग को प्रदान करना मान कर, अपने निवास एमआइजी 4/1 प्रगति नगर उज्जैन मप्र पर धर्मार्थ चिकित्सा सेवा प्रारंंभ कर दी गई है। कोई भी रोगी प्रतिदिन सोमवार से शनी वार तक प्रात: 9 से 12 एवंं दोपहर 2 से 6 बजे तक न्युनतम 10/- रु प्रतिदिन टोकन शुल्क (निर्धनों को निशुल्क आवश्यक निशुल्क ओषधि हेतु राशी) का सह्योग कर चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकेगा। हमारे द्वारा लिखित ऑषधियांं सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल स्टोर से क्रय की जा सकेंगी। पंचकर्म आदि आवश्यक प्रक्रिया जो अधिकतम 10% रोगियोंं को आवश्यक होगी वह न्युनतम शुल्क पर उपलब्ध की जा सकेगी। क्रपया चिकित्सा परामर्श के लिये फोन पर आग्रह न करेंं। ।
चिकित्सक सहयोगी बने:- हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म चिकित्सा में रूचि रखते हैं, ओर प्रारम्भ करना चाह्ते हैं या सीखना चाह्ते हैं, तो सम्पर्क करेंं। आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| सम्पर्क समय- 02 PM to 5 PM, Monday to Saturday- 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल एलोपेथिक चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|
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