Rescue from incurable disease

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  • आपका फ्रिज हो सकता है रोगों का घर?

    आपका फ्रिज हो सकता है रोगों का घर?
    अकसर देखा जाता है की फ्रिज में रखें खाद्य- पानी, लस्सी, छाछ, ब्रेड, सब्जियों फल आदि आदि खाने से अनेक व्यक्ति ब्यक्ति,  सर्दी जुकाम आदि आदि,  रोग से पीड़ित हो जाते हें, इसलिए वे कहते हें की मुझे फ्रिज सूट नहीं करता, पर कुछ कहते हें की मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता,  तो एसा केवल उनकी शारीरिक रोग प्रतिकारक शक्ति के कारण ही होता है जब यह शक्ति कम हो जाती है तो वे भी प्रभावित होने लगते हें।

    गर्मियों के इन दिनों में हमारे वातावरण में पाये जाने वाले जीवाणु/ विषाणु आदि आदि अनेक सूक्ष्म जीवियों को बडने का अधिक अवसर मिलता है। इसी कारण देखा होगा की सर्दियों के अपेक्षा दही जल्दी जमता और जल्दी ही खट्टा होकर खराब भी हो जाता है।  

    किसी खाद्य या अन्य पदार्थ (जैसे दूध, रोटी, ब्रेड, गूँथा आटा, मिठाइयाँ, या कोई भी तैयार मिठाई आदि) को वैसे ही रख दिया जाए तो उसमें वातावरण या स्थान पर होने वाले बेक्टीरिया/किटाणु आदि तेजी से पनपने लगते हें। 
      
    अक्सर सभी सोचते हें की फ्रिज में रखे रहने से चीज खराब नहीं होती, तो यह सोच भ्रम मात्र है, डीप फ्रीजर को छोड़कर (ओर वह भी जिसे बार- बार खोला न जाता हो, होटल आदि में ग्राहक के लिए बार-बार खोला जाता है)  सभी साधारण ठंडा करने वाले फ्रिज आदि में भी बेक्टीरिया धीरे धीरे उसी प्रकार से पनपते रहते हें जैसे देखा होगा की सर्दियों में दही  जमाने में दो तीन या अधिक दिन लगते हें। 
    इसकारण कोई भी खाद्य फ्रिज में रखकर अधिक दिन तक खाना स्वस्थ्य के साथ खिलवाड़ करना ही होता है।  खाद्य पदार्थों में उपस्थित बेक्टीरिया शरीर  में आकार गर्मी पाकर तेजी से फेल कर सर्दी जुकामा खांसी और अन्य रोग पेदा करते हें। 
    फ्रिज के तापमान पर भी वे पूर्ण निष्क्रिय नही होते। फ्रिज के अन्य खाद्य पदार्थों में भी हवा खुलने बंद होने, एवं हमारे हाथों से आते जाते रहकर बडते रहते हें।   
    इस स्थिति से बचने का तरीका यह है की हम फ्रिज को प्रति सप्ताह नियमानुसार पुरी तरह से साफ करें। पुराना खाध्य पानी आदि जमा न रहने दे, और जलदी से जल्दी उस खाद्य पदार्थ को समाप्त कर दें। कोशिश करें की कोई भी खाध्य अधिक दिन न रखा जाए।   
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