Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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Ideal weight table according to height.


  कद के अनुसार आदर्श  वजन तालिका।  
स्वस्थ व्यक्तियों (स्त्री पुरुषों का आदर्श वजन,उनकी ऊचाई के अनुसार कितना होना चहिये। यह जिज्ञासा सभी को होती है। आप अपने कद के अनुसार वजन देख सकते  है।  
आगे निम्नांकित तालिका में देखें :----  ।

Fistula, Bhagandar, एनल फिस्टुला, भगंदर, गुदा नाडी व्रण, रोग है क्या करुंं?

प्रश्नो पर उत्तर   2019   
  • प्रश्न – फिश्चुला 15 वर्ष से 

प्रश्न कर्ता- Shailendra dodiya/ Ujjain आयु - 78 
   
          एनल फिस्टुला, भगंदर, गुदा नाडी व्रण, आदि नामक इस रोग में गुदा के निकास के आस-पास बहरी भाग से अन्दर मलाशय के किसी भी हिस्से में खुलने वाली नाडी या नलकी जैसी रचना बन जाती है, इसके द्वारा खून, पस, या मलाशय के तरल द्रव्य निकलते रहते हें| संक्रमण के कारण मवाद (पस), निकलना, दर्द, सुजन, तेज खुजली और जलन, आदि समस्या पैदा हो जाती है|

Digestive problem,& piles,

3/ 22/2018 16:53:20
 Rajeshkumar sharma Dist:-jhunjhunu,Rajasthan/आयु 31/
प्रश्न-
समस्या- ,Digestive problem,& piles, painful daily routine,weakness / last 2 years / 

Sciatica (कटिस्नायुशूल) Treatment.

Date- 3/10/2018 5:06:36
Name-मदनलाल ; निवास -अजमेर राजस्थान; आयु – 41; प्रमुख रोग- साइटिका ;
प्रश्न - मुझे साइटिका** है मैने काफी उपचार करवाया आराम नही मिला
अवधि - तीन महीने ;
पता - मदनलाल कामड गांव बलवंता पोस्ट राजोसी जिला अजमेर राजस्थान ;
फोन/मोबायल 9214363930; ई मेल --;
उज्जैन आ सकेंगे| - हाँ
उत्तर :- आयुर्वेद चिकित्सा से यह रोग ठीक किया जा सकता है| ओषधि चिकित्सा एवं पत्र-पिंड स्वेद एवं विशेष व्यायाम किया जाता है| आपका रोग नया है इसलिए लाभ भी शीघ्र हो जायेगा|
आप हमारे धर्मार्थ चिकित्सालय में आकर चिकित्सा ले सकते हें| आने से पूर्व संपर्क करें|

**Sciatica:- pain affecting the back, hip, and outer side of the leg, caused by compression of a spinal nerve root in the lower back, often owing to degeneration of an intervertebral disk. The commonest cause of true sciatica is prolapse of intervertebral discs.
** कटिस्नायुशूल:- पीठ, कूल्हे, और पैर के बाहरी भागों की ओर को प्रभावित करने वाले दर्द, निम्न पीठ में रीढ़ की हड्डी स्थित तंत्रिका के संकोचन या दवने से होती है, सामान्यत: यह समस्या रीड की हड्डी के डिस्क के भ्रंश के कारण होती है|

 समस्त चिकित्सकीय सलाह, रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान (शिक्षण) उद्देश्य से है| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| इसका प्रकाशन जन हित में किया जा रहा है।

प्रश्न :- लम्बे समय से शरीर के अंगों में पीलापन, कमजोरी

प्रश्न :- दिनांक - 12/ 9/2017 समय 21:21:27- नाम - कृष्णा पटेल निवासी गिरोता जिला इंदौर मप्र
आयु -25 वर्ष,
मेरे शरीर में हमेशा पीलापन रहता है, आँख भी पीली रहती हैं|  8 वर्ष से शरीर मे कमज़ोरी  ओर पीलापन है

प्रश्न -पेशाब नली में सिकुड़न (Urethral stricture)


प्रश्न - पेशाब नली में सिकुड़न,  -लगभग 12 साल से मूत्र नली में सिकुड़न की शिकायतबूंद-बूंद पेशाब जलन के साथ साथ बहुत देर तक होता है।एक बार लेजर आपरेशन करवा चुका हूं, एक साल बाद फिर से वही शिकायत है। 

प्रश्न :- एसीडिटी प्रमुख लक्षण- पेट में जलन, गेस, कब्ज, सिरदर्द, उलटी, घुटनों में दर्द-

प्रश्न :- एसीडिटी प्रमुख लक्षण-   पेट में जलन, गेस, कब्ज, सिरदर्द, उलटी, घुटनों में दर्द,

Heel Pain (Plantar Fasciitis) कष्टकारी एडी का दर्द -बड़ी आसान है चिकित्सा?

एड़ी में दर्द  (Heel Pain-(Plantar Fasciitis)   कष्टकारी एडी का दर्द -बड़ी आसान है चिकित्सा?  
प्रश्न :- मेरी आयु 23 वर्ष है, मेरे दाहिने पैर के तलवे और एड़ी के ऊपरी हिस्से मे 2 वर्ष से बहूत दर्द रहता है॥ जिससे मुझे ठीक से नीन्द नही आती और इस दर्द के कारण दिनभर परेशानी होती है|

 प्रेषक:- khusi, anjiagrawal161@gmail.com,
 उत्तर – यह सही है की एड़ी में दर्द (pain) होने पर अक्सर बहुत कष्ट होता है| महिलाओं में यह तकलीफ आम रूप से मिलती है| इसके लिए सामान्यत किसी विशेष जाँच की जरुरत भी नहीं, परन्तु दर्द का कारण सूजन swelling के अतिरिक्त कुछ और है तो जाँच जरुरी है| 
एड़ी में दर्द (pain) साथ पैरों में झुनझुनी और बुखार हो, और पैर भी गर्म हों तो यह हड्डियों में संक्रमण का भी लक्षण हो सकता है।यदि एड़ी में अकड़न और सूजन का आभास हो, यह अर्थराइटिस (Arthritis) के लक्षण हो सकते है।

Common cold, flu (कामन कोल्ड, सर्दी, जुकाम ,फ्लू )

जीवनशैली और आदतें कैसी भी हों कामन कोल्ड बहुत ही आम होने के कारण किसी भी मौसम में हो सकता है। कामन कोल्ड से निज़ात पाने का कोई शार्ट कट नहीं है, चाहै आप कितनी भी दवाइयां या वैक्सीन लें। 
 कामन कोल्ड का संक्रमण थोड़ा भयभीत करने वाला  हो सकता है और इसके लक्षण जैसे खांसी, बुखार , सर्दी, नजला,  आपको दवाएं लेने के लिए प्रेरित करते हैं।
 यह ध्यान देने योग्य बात है कि अगर आप कोई दवा या वैक्सीन नहीं ले रहै हैं तो आपको कामन कोल्ड के संक्रमण से बचना चाहिए। 

शीतपित्त (urticaria) से परेशां हूँ?

प्रश्न -  शीतपित्त (urticaria) के बारे में सुश्री  प्रियंका जी दिल्ली से लिखतीं हैं -  मेरी आयु 26 वर्ष है,  मैं पिछले 2 वर्षों से शीतपित्त (urticaria) से पीड़ित हूँ। मेने इस दोरान एलोपेथिक (alopathic) उपचार लिया है,  कोई फायदा नहीं हुआ| दवा बंद करते ही दोबारा समस्या हो जाती है| में बहुत परेशान हूँ| में हमेशा के लिए ठीक होना चाहती हूँ| में रोज ‘alegra M’ लेती हूँ, तभी ठीक रह पातीं हूँ| कृपया मेरी मदद करें। Priyanka Dalal. 

उत्तर -प्रियंका जी इस बारे में हमने एक लेख लिख कर रोग विषयक जानकारी देने का प्रयत्न किया है आपकी समस्या का समाधान इसमें मिल सकता है|  

What is the reason for the stench of mouth.(मुहं में बदबू),

What is the reason for the stench of mouth.(मुहं में बदबू),
कभी कभी एसा लगता है की लोग आपसे कन्नी काट रहे हें| आप उनके पास जाना चाहते हें, वे आपसे दूर भागते हें|  इसका पता जब चलता है तो बढ़ा ही अपमानित महसूस होता है| एसा हो सकता है और आपको पता ही न हो की आपके मुहं से बदबू आती है|
जी हाँ एसा हो सकता है, आपकी गंध आपके अन्दर बसी हुई होती है तो उसके अच्छे-बुरे होने का आपको पता तब तक नहीं चलता जब तक की कोई आपका हितेषी अपना या मुहं फट आपको बताता नहीं की आपके मुहं से बदबू आ रही है|
जब आपको पता चलता है तो आप इससे मुक्ति पाने में लग जाते हें| परन्तु जब तक आपको मालूम नहीं की इस दुर्गन्ध का करण क्या है आप मुक्ति नहीं पा सकते|
आपको जानना होगा की मुहं की बदबू का कारण क्या है?

गेस्ट्रिक प्रॉब्लम -प्रश्न पर उत्तर|

प्रश्न- गेस्ट्रिक प्रॉब्लम 
11/8/2016 / सन्देश जैन/ आयु 44/ गेस्ट्रिक प्रॉब्लम/10 साल
उत्तर- सन्देश जी, आपने लिखा है आपको 10 वर्ष से गेस्ट्रिक प्रोब्लम है|
सामान्यत पैट की अपथ्य आहार-विहार अर्थात अनावश्यक और असमय, खाते रहना, विशेषकर सेव कचोरी, पूरी पकवान आदि फ़ास्ट फ़ूड, कब्ज का बनना रहना, इससे एसिडिटी ,पेट में जलन आदि होना होता है, अगर आपका मतलब इन्ही से है, तो इसकी चिकित्सा भी स्पष्ट है|
सबसे पाहिले आप अनावश्यक खाना-पीना बंद कर दें| समय पर सादा भोजन करें| भूखे न रहें| कब्ज न रहने दें| अविपत्तिकर चूर्ण 3 से 5 ग्राम दिन में दो बार भोजन के दो तीन घंटे पाहिले लें| इससे एसिडिटी नहीं होगी, कब्ज दूर होने से अधिकांश पैट की सामान्य समस्यायें हल हो जाएगी| (यदि मधुमेह डाईविटिज है, तो यह चूर्ण न लें इसमें मिश्री होती है, जो सुगर बढा सकती है|)
यदि समस्या अधिक बड़ी हों जैसे अल्सर आदि हो, या अन्य पेट विषयक समस्या हो तो पूर्ण जानकारी रोग विवरण अभी तक की गई चिकित्सा आदि सहित वैध्य परामर्श से रोग निदान होकर चिकित्सा संभव होगी|
यदि रोग बहुत अधिक बढ़ा हो, और ओषधि से ठीक न हो रहा हो, तो उदर (पेट) विषयक रोगों की चिकित्सा पंचकर्म- वमन, विरेचन से की जाती है, रोगी पूर्ण लाभ प्राप्त कर लेता करता है|  

    आपने लिखा है, की आप उज्जैन आ सकते हें, आप आ जायें रोग निदान कर उचित परामर्श/ चिकित्सा दी जा सकेगी| 

समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल/ जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें। इसका प्रकाशन जन हित में किया जा रहा है।

लकवा कैसे ठीक होता है?

प्रश्न-  mere papa ko do sal se lakwa h tik nahi ho pa raha h kya tik ho jayega ki nahi tin bar lakwa ho chuka h .bat bhi kar raha h khana b toda khata h

भवदीय,
tijauram | tijuram693@mail.com

उत्तर - अधिकतर केस में लकवा रोग की चिकित्सा  प्रथम एक दो सप्ताह में ही समाप्त हो जाती है| 
इसके बाद शारीरिक कमजोरी अपंगता  आदि के लिए फ़िजिओथेरेपिस्ट या पंचकर्म चिकित्सक की सहायता से की जाती है|  आपके पिता जी की स्तिथि कैसी है, अब क्या कष्ट है, इसके मान से चिकित्सा हो सकती है| चिकित्सक से प्रत्यक्ष संपर्क करें| इसके बारे में जानने के लिए निम्न लेख पढ़े--   
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| आपको कोई जानकारी पसंद आती है, ऑर आप उसे अपने मित्रो को शेयर करना/ बताना चाहते है, तो आप फेस-बुक/ ट्विटर/ई मेल/ जिनके आइकान नीचे बने हें को क्लिक कर शेयर कर दें। इसका प्रकाशन जन हित में किया जा रहा है।

Heart Burning, Sour and bitter vomiting,


      Heart Burning, Sour and bitter vomiting,
उत्तर -
खट्टी और कड़वी उल्टी होना, ह्रदय स्थान पर जलन होना, 

 ये सारे लक्षण अपचन के हें। लगातार कुछ न कुछ और वह भी जंक फूड (या आयुर्वेद अनुसार  मिथ्याहार करना) खाते रहना इसका एक मात्र कारण है। इलाज भी यही है की रोग के कारण को हटा दें, अर्थात इन सबको न खाएं। हो सकता है, आप कहें की, अब तो में ये नहीं खा रहा हूँ फिर भी तकलीफ नहीं मिटती। तो भी कारण और निवारण वही होगा। ठीक होने में समय भी तो देना होगा। 
लगातार खाने के असंतुलन से शरीर की पाचक क्रिया भी असंतुलित हो जाती है और इस प्रकार का व्यवहार करने लगती है।

Vomiting of newborn baby (नवजात शिशु को उल्टी होना).

प्रश्न - Vomiting of newborn baby (नवजात शिशु को उल्टी होना)
नमस्कार डॉ साहब
मेरा नाम प्रमोद गुप्ता है
और मैं राजस्थान के झालावाड़ जिले का निवासी हूँ मेरी एक 25 दिन की बच्ची है जो जन्म से ही लगातार उल्त्तियां कर रही है बहुत से डॉ को दिखा चूका हूँ सोनोग्राफी भी करवा ली है किन्तु कोई आराम नही हुआ है दूध पिटे ही उल्त्तियां कर देती है अब आप बताईये क्या कारन चाहिए...डॉ बोलते है धितरे धीरे कम हो जायेगी बुत अभी तक तो कोई फर्क नही पड़ा इसलिए आप मुझे उचीत
सुझाव बताईये

Snoring in Children. बच्चो में खर्राटे की समस्या?

Q- Snoring in Children. बच्चो में खर्राटे की समस्या?
My son is 5 years old. He is healthy but he has the habit of snoring. What is the solution for this problem?-- From: Shyam Deshmukh

Subject: My child
A- Snoring या खर्राटे का कारण जिस प्रकार एक सीटी (विसिल) से जब हवा फूंकते हें तो उसमें लगे अवरोध (गोली आदि) के कारण हवा आवाज करती निकलती है| यदि वह अवरोध हट जाये और हवा सीधी निकालें लगे तो विसिल की आवाज नहीं आयेगी|
बिलकुल इसी तरह से नाक और मुहं से साँस लेते समय किसी भी कारण से यदि रूकावट हो तो आवाज या खर्राटे आते हें|
इस रूकावट के कारण कुछ जन्मजात विकृति या रोग आदि हो सकता है|
आपके पांच साल के बच्चे के रोग का वास्तविक कारण चिकित्सक जाँच करके, कर सकता है|
 सामान्य कारण में, नाक में म्यूकस का भरा रहना, और  ऊँचे तकिये आदि से गले में रूकावट,कारण न हो तो [जो नाक साफ रख कर या तकिया हटा कर किया जा सकता है] ,  यदि जन्म जात (पैदायशी) गले, नासिका, तालू, श्वास नली, आदि में कोई दोष नहीं हो (जिनका इलाज कारण अनुसार शल्य चिकित्सा आदि से होता है) तो अन्य कारणों में प्रमुख कारण लगातार जुकाम सर्दी, खांसी आदि बनी रहने से, और टोंसल्स के संक्रमित हो जाने आदि से यदि खर्राटे आते हों तो चिकित्सा करवा कर रोग ठीक होने पर इससे मुक्ति मिल जाएगी| 
यदि इनमे से कोई कारण है, तो आप  किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से चिकित्सा लेकर समस्या का निदान करें| 
आयुर्वेदिक चिकित्सा से भी ठीक किया जा सकता है| अधिक आयु के व्यक्तियों में और भी कई कारन हो सकते हें|  
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How cure Sangrahanee, or Bowel Syndrome (IBS), (संग्रहणी ,लीवर,)

Q- How cure Sangrahanee, or  Bowel Syndrome (IBS), (संग्रहणी ,लीवर,)
neetu sharma
Mar 5 (2 days ago)

to me
Sir, Aapki website pr aapke vichar jankar or aapse madad ki umeed se ye mail kr rahi hun

mujhe 7 saal se sangrahni hai, liver, stomach or intestine pr sujan h, stomach kafi garm rahta h, chronic gastritis. hamesha fever sa rehta h, 7 saal se wihte discharge nahi ruk raha. 36 yrs ki umar main 36 kg hi weight h shuru main hi 15 kg wait kam ho gaya tha. Bahut jayada weak hu chuki hu
bahut medicine kara chuki hun pr thek nai hui, ab dudh kalp ya matha kalp karana meri aakhri umeed h, agar aap madad kr den ......

bahut Umeed ke sath
Neetu from Agra

A-
नीतू जी ,
संग्रहणी,[Sangrahanee Bowel Syndrome (IBS)] होने का के साथ समान्यत आपकी बताई सभी तकलीफें साथ ही होती है सभी का एक दुसरे से सम्बन्ध है|
आप आयुर्वेदिक चिकित्सा से पूर्ण रूप से रोग मुक्त हो सकती है|
आपको चाहिए की  किस अच्छे आयुर्वेदिक चिकित्सक से चिकित्सा लें|
आपके रोग की आवश्यकता अनुसार ओषधि से अन्यथा पंचकर्म शोधन से आपको पूरी तरह से रोग मुक्त किया जा सकता है|
हम  आपकी मदद उज्जैन आकर चिकित्सा लेने पर ही कर सकते हें|
पथम बार आप आकर परिक्षण कराएँ| कुछ समय ओषधि चिकित्सा से लाभ नहीं होने पर यहाँ वापिस आकर कुछ समय के लिए जो 15 से एक माह या अधिक रोग अनुसार हो सकता है रहकर चिकित्सा लेकर ठीक हो जाएँगी|

अभी आप जो भी चिकित्सा कर रहीं है उसके साथ, सादा बेसन, उरद, चना आदि दाल, बाज़ार का कोई भी खाना- या पीना न लें, पानी शुद्ध आरो का या उबल कर लें   प्रतिदिन एक लीटर तक ताजा तक्र (मट्ठा)  जरुर पिए| लाभकारी होगा| अन्य ओषधि विषयक बात परिक्षण उपरांत हो सकेगी|

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How to improve Kids food habits.

From: Nitya
Q-  How to improve Kids food habits. kids are generally fuzzy about healthy food. And sometimes even normal food... Can we increase there appetite and cultivate good food habits.
  • उत्तर- यह कई माता-पिता की शिकायत है की उनके बच्चे स्वास्थ्य कर खाना पसंद नहीं करते, हम किस तरह से हम उनमें अच्छे पोष्टिक खाना खाने की आदत डालें|

प्रश्न- यूरिक एसिड बड रहा है?

प्रश्न- यूरिक एसिड बड रहा है?
Sir, my name is bharat kumar Singh hai Mera uric acid 8.5 Ho gaya hai or mere ghutne ke

पीलिया या हेपेटाई टिस का इलाज- आपके प्रश्नो पर हमारे उत्तर,

प्रश्न- 2012 me hepetaitis a huwatha dr bole liver problam hai drink bandkaro tab se aajtak drink band hai bhookh bhadi hai vajan bhi bhadhahai jo pehele kam hogaya tha ab koi bi problam nahi hai phir bhi aap upaya batalyee

भवदीय,
anandmedhe | anandamedhe@gmail.com

उत्तर - आपने अपनी आयु नहीं बताई. 
अधिक समय तक बिना कुछ खाए यदि अल्कोहल लिया जाता है तो इसका असर लीवर पर पड़ता है| साथ ही पेट में अम्लता (एसिडिटी) बड जाया करती है, और पेट में अल्सर भी हो सकता है| 
यह अपने अच्छा किया की अब पीना बंद कर दिया है| अब आपकी वर्तमान में क्या स्तिथि है| 
आपको निम्ननुसार  दवाएं लेना चाहिए|  
पुनार्न्वादी मंडूर २ - ग्राम + सुत शेखर २०० एम जी दिन में दोबार, कामदुधा रस २०० एम् जी एवं लिव  52DS टेब १-१ दोबार भोजन के बाद, + रोहितका रिष्ट 20 एम् एल + पानी मिलाकर भोजन के बाद |
भोजन चिकनाई घी तेल  रहित लें| खाना सदा और कम  मात्र में और दिन में कम से कम चार बार में  थोडा थोडा करके लें  | इससे लीवर पर अधिक दवाव भी नहीं 
 अधिक जानकारी के लिए पड़ें-- लिंक 
प्रतिदिन लगभग तीन माह तक लें| विशेष परिस्थिति में संपर्क ( समय लेकर) करें | 
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चिकित्सा सेवा अथवा व्यवसाय?

स्वास्थ है हमारा अधिकार १

हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

निशुल्क परामर्श

जीवन के चार चरणौ में (आश्रम) में वान-प्रस्थ,ओर सन्यास अंतिम चरण माना गया है, तीसरे चरण की आयु में पहुंचकर वर्तमान परिस्थिती में वान-प्रस्थ का अर्थ वन-गमन न मान कर अपने अभी तक के सम्पुर्ण अनुभवोंं का लाभ अन्य चिकित्सकौं,ओर समाज के अन्य वर्ग को प्रदान करना मान कर, अपने निवास एमआइजी 4/1 प्रगति नगर उज्जैन मप्र पर धर्मार्थ चिकित्सा सेवा प्रारंंभ कर दी गई है। कोई भी रोगी प्रतिदिन सोमवार से शनी वार तक प्रात: 9 से 12 एवंं दोपहर 2 से 6 बजे तक न्युनतम 10/- रु प्रतिदिन टोकन शुल्क (निर्धनों को निशुल्क आवश्यक निशुल्क ओषधि हेतु राशी) का सह्योग कर चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकेगा। हमारे द्वारा लिखित ऑषधियांं सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल स्टोर से क्रय की जा सकेंगी। पंचकर्म आदि आवश्यक प्रक्रिया जो अधिकतम 10% रोगियोंं को आवश्यक होगी वह न्युनतम शुल्क पर उपलब्ध की जा सकेगी। क्रपया चिकित्सा परामर्श के लिये फोन पर आग्रह न करेंं। ।

चिकित्सक सहयोगी बने:
- हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म चिकित्सा में रूचि रखते हैं, ओर प्रारम्भ करना चाह्ते हैं या सीखना चाह्ते हैं, तो सम्पर्क करेंं। आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| सम्पर्क समय- 02 PM to 5 PM, Monday to Saturday- 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल एलोपेथिक चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|

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