Hair Loss,Whiteness. Dandruff, Thinning, or Baldness.-- The Treatment is "Thalapothichil or Shiro-lep". {बालों का झड़ना, सफेदी, रूसी, पतलापन, या गंजापन? उपचार है- थालापोथिचिल या शिरो लेप!}
डेंड्रफ या रूसी
प्रश्न- Jai shree krishna ..aap bataa sakte he agar dandruff badi wali ka ilaaj? kyo hoti he.? meri beti 20 year ko ho jaati he baar baar.
उत्तर --समान्यत: डेंड्रफ या रूसी शिर की त्वचा की त्वचा कोशिकाओं के मरने (डैड सेल्स) होती है। जो एक सामान्य प्रक्रिया है। प्रतिदिन सिर की साफ सफाई न कर पाना इसका प्रमुख कारण है।
खाज खुजली या स्केबीज का कारण एक कीट या पिशाच !
फिल्मी सितारों की तरह आकर्षक शरीर कैसे पाये।
सब जानते हें, कि शुद्ध रक्त ही स्वास्थ्य, सुगठित सुंदर शरीर ओर शक्ति का प्रधान आधार होता है। शरीर में जितना अधिक रक्त बनता है, शरीर उतना ही स्वस्थ्य ओर सबल रहता है। अच्छे भोजन से अच्छा रक्त तो बनाता है, पर शरीर में रक्त के संचारित होकर शक्ति प्रदान करने के दोरान मृत सेल्स,ओर कई अशुद्धियाँ इसमें शामिल हो जाती हें। इसे बाहर निकाल फेकना भी जरूरी होता है। व्यायाम भी शरीर की गंदगी बाहर निकालने का एक तरीका है, शरीर की सक्रियता प्राणी के पेदा होते ही प्रकर्ति से मिल जाती है। बच्चे का रोना। हिलना, फिर हाथ पैर चलाने से लेकर उम्र भर बढ़ती शारीरिक सक्रियता एक प्रकार का व्यायाम ही होता है।
आपके प्रश्नो पर हमारे उत्तर-
A- 1-एलोवेरा जेल लगाने से त्वचा के दाग धब्बे धीरे धीरे हल्के पड़ने लगते हैं और इनसे मुंहसे भी ठीक हो जाते हैं।
2- नियमित रुप से लहसुन का पेस्ट दाग धब्बों पर लगाने से वे हल्के पड़ जाते हैं।
3- शहद को चंदन पाउडर के साथ मिलाइये और उसमें हल्का सा नींबू निचोड़ लीजिये। इस पैक को चेहरे पर लगा कर साफ त्वचा पाइये। नींबू का रस न केवल चेहरे से गहरे निशान मिटाता है बल्कि इसको चेहरे पर रगड़ने से चेहरे की रंगत भी बदल जाती है।
4- दूध से अपने चेहरे की मसाज करने पर उसमें नमी आती है, और दाग धब्बों का रंग भी हल्का पड़ जाता है।
5- प्याज के रस को गहरे निशान पर लगाइये और कुछ ही दिनों में देखिये कि गहरे रंग के दाग किस तरह से साफ हो जाते हैं।
6-चंदन पाउडर को दही के साथ मिक्स कीजिये और उसमें नींबू की चार बूंद डाल लीजिये। इसको लगाने से आपके चेहरे के डार्क स्पॉट गायब होने लगेगें।
दूध सम्पूर्ण आहार ही नहीं -एक सोंदर्य वर्धक भी है।
गाय का दूध अभिष्यंदी* न होने से अधिक गुण कारी है देखें -
आधुनिक विज्ञान के द्वारा प्रयोग शाला परीक्षणों से भी यही उपर्युक्त तथ्य प्रमाणित हुआ हे। अन्य दूध जेसे भेंस आदि के दूध के संगठन से फेट आदि कम करके ही उपयोग किया जाना मनुष्य के लिए उपयुक्त हे यह स्वीकार किया गया है। Teagasc डेयरी उत्पाद अनुसंधान केंद्र Moorepark Fermoy द्वारा शरीर में कोलेस्ट्रॉल सामग्री को निष्क्रिय करने में दूध की उपयोगिता पर हाल के हुए शोध से सूचित किया गया है। वर्तमान के वेज्ञानिक परीक्षणों के आधार पर राष्ट्रीय डेयरी परिषद के अनुसार, दूध में नौ आवश्यक पोषक तत्व होते हें जो की मनुष्य के स्वास्थ्य लाभ से ही जुड़े होते हें।
- कैल्शियम:- इसकी सहायता से शरीर में स्वस्थ हड्डियों और दांतों का निर्माण होता हे। यह ही जीवन भर उन्हे मजबूत, ओर उपयोगी बनाए रखता हे, इसकी कमी से अस्थि-म्रदुता [ऑस्टियोपोरोसिस] ,या भंगुरता [टूटने की प्रव्रत्ति] बनाती है। हड्डी संरचना के समुचित विकास के लिए यह बहुत जरूरी है। ऑस्टियोपोरोसिस के रूप में हड्डी विकारों को दूध की पर्याप्त मात्रा की दैनिक सेवन से रोका जा सकता है. आयुर्वेद के अनुसार भी अस्थि धातु के लिए यह एक आवश्यक पदार्थ है। .कैल्शियम कैंसर रसायन, हड्डी हानि, गठिया रोग, माइग्रेन सिर दर्द, पूर्व मासिक धर्म सिंड्रोम, और अवांछित वसा नष्ट करने के लिए भी जरूरी है।
- प्रोटीन:-आयुर्वेद के अनुसार मांस धातु के लिए प्रोटीन जरूरी होता हे, यह ऊर्जा के स्रोत के रूप में कार्य करता है, शरीर पोषण/' मरम्मत / मांसपेशियों के ऊतकों का सतत निर्माण/ शरीर वृद्धि इसीसे होती हे।
- पोटेशियम:- एक स्वस्थ रक्त का दबाव बनाए रखने में मदद करता है, इससे रक्त धातु के द्वारा सम्पूर्ण शरीर को ऊर्जा मिलती रहती हे। इसकी कमी या अधिकता दोने रक्तचाप को दूषित कर देती हे। दूध में यह पूर्ण आवश्यक मात्र में आसानी से उपलब्ध हो जाती है।
- फास्फोरस:- हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है और ऊर्जा उत्पन्न करने में सहायक होता हे। अस्थि के मध्य मज्जा धातु के साथ रसायनिक क्रियाओं के द्वारा रक्त कण बनाकर खून की कमी नहीं होने देता।
- विटामिन डी दूध में उपस्थित यह विटामिन सूर्य के प्रकाश द्वारा संश्लेषित होकर हड्डियों को बनाए रखने में मदद करता है। इसकी कमी से भी शरीर को खड़ा रखने वाला ढांचा [अस्थि तंत्र] कमजोर होकर गिर सकता है।
- विटामिन बी 12:- स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं और तंत्रिका ऊतक [टिशूज] में पुनर्जनन [निरंतर पेदा करने की प्रवृत्ति] बनाए रखता है। जो मनुष्य को दीर्घ जीवी बनाती है।
- विटामिन ए: - शरीर की रक्षा के लिए "प्रतिरक्षा प्रणाली" को बनाए रखता है, यह सामान्य दृष्टि[आँख] और त्वचा को सक्षम बनाए रखने में मदद करता है।
- राइबोफ्लेविन [Riboflavin (बी 2)] : - भोजन को ऊर्जा में परिवर्तन करने ओर ज्ञानेन्द्रियों को सक्षम बनाए रखता है।
- Niacin:- शर्करा ओर फैटी एसिड को चपापचय[ मेटाबोलिज़म] द्वारा शरीर के लिए उपयोगी बनाता है।
आयु की परिपक्वता ओर रोगो से जीर्ण शीर्ण भोजन को पचा पाने की क्षमता नष्ट हो चुकी हो तो ऐसी परिस्थिति में शेष जीवन दूध पर निर्भर रह कर रहा जा सकता है। सभी को याद होगा की हमारे पूर्व प्रधान मंत्री स्व॰ मोरार जी भाई देसाई केवल दूध पर निर्वाह करते रहें हें।
गाय के घी के बारे में पाश्चात विद्वानो की राय है, की यह हानी कारक है, यह बात वस्तुत: गलत है। पश्चिम में ओर प्रयोशालाओं में फेट्स के बारे में जो निष्कर्ष निकाला है, वह बटर मिल्क, चर्बी, ओर एयर कंडीशंड पशुशालाओं में रखे गए अप्राक़ृतिक ओषधि/खाद्य/इंजेक्शनों की सहायता से पशुओं से प्राप्त दूध के फेट्स कंटेन्ट पर आधारित है। जबकि इसके विपरीत भारत में पशु प्राक़ृतिक वातवरण में रखे जाने की परंपरा है। इसी कारण चरक आदि प्राणाचार्यों ने गाय के देसी घी को रसायन कहा गया है। जो को "ह्रद्ध्य" अर्थात ह्रदय को ठीक करने वाला कहा है। अर्जुन घृत ओर त्रिफला घृत का प्रयोग ह्रदय रोगियों में बड़े विश्वास के साथ आयुर्वेदिक चिकित्सकों द्वारा वर्षो से किया जा रहा है। वर्तमान में ह्रदय रोग BP आदि बढ़ने का कारण गाय की घी मक्खन नहीं, विविध खाद्य तेल, भेस का घी-दूध, ओर मांस मछ्ली आदि आहार ओर अपथ्याहारविहार ओर असंयंमित जीवन होता है।
* अभिष्यंदी - रसबह नाड़ियां को अवरुद्ध (Blocked) करने वाला|
- देखें केसे प्रयोग करें सोंदर्य के लिए दूध दूध से बने खूबसूरत।: केवल पीने या खाने में ही नहीं नहाने शरीर पर मालिशसे भी चमत्कारी सोंदर्य व्रद्धि होती है। दूध का प्रयोग करके चेहरे को निखारा जा सकता है। कच्चे दूध को गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा पर निखार आता है।
- देसी घी बचाए मोटापे ओर हृदय रोग से?: गाय के घी को रसायन कहा गया है। जो
- दही Curd – लाभ ओर हानियाँ एवं रोग नाशक प्रभाव।
दूध से बने खूबसूरत।

केवल पीने या खाने में ही नहीं नहाने शरीर पर मालिशसे भी चमत्कारी सोंदर्य व्रद्धि होती है। कुछ प्रयोग देखें--
- दूध का प्रयोग करके चेहरे को निखारा जा सकता है। कच्चे दूध को गुलाबजल में मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा पर निखार आता है।
- गुलाब के 2 फूलों को पीसकर आधा ग्लास कच्चे दूध में 30 मिनट तक भिगोएं, फिर इस लेप को आहिस्ता-आहिस्ता त्वचा पर मलें, सूखने पर ठंडे पानी से धुल दें, त्वचा गुलाबी और नर्म हो जाएगी।
- दूध में थोडा सा नमक मिलाकर चेहरे पर सुबह-शाम लगाने से मुहांसे दूर होते हैं।
- आधा चम्मच काला तिल और आधा चम्मच सरसों को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर मुहांसे पर लगाने से मुहांसे समाप्त हो जाते हैं।
- नीबूं का रस, आलू का रस, आटे का चोकर दूध में मिलाकर उबटन बनाकर मुंहासे के समय लगाएं, मुहांसे समाप्त हो जाएंगे।
- होंठ अगर काले हो गए हों तो दूध को होठों पर लगाने से कालापन दूर होता है।
- अगर आपके होंठ फट गए हैं तो रात को सोने से पहले एक बूंद गुलाबजल और एक बूंद नींबू का रस दूध की मलाई में मिलाकर लगा लें, इससे राहत मिलती है।
- बादाम, बेसन, गाजर का रस दूध में मिलाकर उबटन की तरह लगाने से त्वचा में निखार आता है।
- दूध को पूरे शरीर में रगडने से त्वचा मुलायम होती और निखार आता है।
- नाखूनों को सुंदर बनाने के लिए कुछ देर तक दूध में भिगोकर रखें।
- बरतन साफ करने से हाथ खुरदुरा हो जाता है, इन पर दूध में नींबू का रस मिलाकर लगाने से हाथ की त्वचा मुलायम हो जाती है।
- बादाम और लौंग को बराबर भाग में लेकर पावडर बना लें, आधा चम्मच दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं, थोडी देर बाद धो लें, इससे चेहरे पर निखार आता है।
- दूध की मलाई और हल्दी पावडर मिलाकर चेहरे पर मलें, दो हफ्ते बाद चेहरे पर निखार आ जाएगा।
- काजू को रातभर दूध में भिगोकर सुबह उसे महीन पीसकर उसमें मुलतानी मिट्टी और नींबू का रस मिलाकर तैलीय और शुष्क दोनों प्रकार की त्वचा पर लगाया जा सकता है।
- एक चम्मच दूध की मलाई में एक चम्मच शहद मिलाकर अपनी त्वचा पर लगाएं, इससे त्वचा की खुश्की समाप्त होगी।
- दूध की मलाई में थोडा सा पानी मिलाकर चेहरे का फेशियल किया जा सकता है।
दूध सम्पूर्ण आहार ही नहीं -एक सोंदर्य वर्धक भी है।.. यदि सारे जीवन दूध की उपलब्धता रहे तो यह अकेला ही सम्पूर्ण रूप से पूर्ण आहार होगा।
केसे हो कांतिमान त्वचा ?
Small Tips/छोटी छोटी बाते-बाल का सफ़ेद होना|
उपवास एवं व्रतों से शरीर का कायाकल्प-चन्द्रायण व्रत|
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| जो व्रत चन्द्रमा की कलाओ के साथ साथ किया जाता है, उसे चन्द्रायण व्रत कहते है |
मानसून में पेरों में फंगस (या फफूंद) एवं सोंदर्य की समस्याए |
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| फंगल या फफूंद ग्रस्त अंगुलियाँ |
युवा रहने के लिए फल
यहाँ कारक है कि तुम हमेशा के लिए युवा रहने में मदद कर सकते हैं की कुछ कर रहे हैं:
भूल फल
जब फल वास्तव में याद किया जाता है, यह सिर्फ एक सेब या वहाँ एक केले है. लेकिन हम भूल जाते हैं कि क्या है कि ताजा फल पोषक तत्वों से भरपूर हैं. वे कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा में, मैग्नीशियम, विटामिन सी, लोहा, बीटा कैरोटीन और फोलिक एसिड प्रदान करते हैं और सुपर कम कैलोरी में हैं. ", एक फल एक दिन आप कि कभी चमक त्वचा की गारंटी कर सकते हैं" डॉ. Ritika Samaddar, मुख्य आहार विशेषज्ञ, मैक्स हेल्थकेयर कहते हैं.
खट्टे फल जैसे संतरे, कीनू, नीबू और grapefruits बड़ी मात्रा में भस्म किया जाना चाहिए के रूप में इन विटामिन सी में अमीर हैं यह कोलेजन के संश्लेषण, त्वचा के एक महत्वपूर्ण संरचनात्मक प्रोटीन के लिए आवश्यक है.
ब्लूबेरी, blackberries, चेरी, लाल और बैंगनी अंगूर, बीट और बैंगनी गोभी एंटीऑक्सीडेंट यौगिकों, जो मदद से आप उन उम्र लाइनों को कम होते हैं.
Cantaloupe आड़ू, खुबानी और महत्वपूर्ण - विरोधी oxidants, जो अत्यंत उपयोगी होते हैं के लिए उम्र बढ़ने के खिलाफ लड़ाई है.
स्थानीय और मौसमी फल
यह उचित लगता है कि एक एकल फल उन झुर्रीदार हाथ और पैर की उंगलियों पर एक जादू कर सकते हैं नहीं है. फल की व्यापक रूप से उपलब्ध स्थानीय किस्मों के लिए चुनते हैं. मौसम में उत्पादन अपने 50 साल की उम्र में 30 देखने की इच्छा के लिए इष्टतम पोषण का महत्व प्रदान करता है.
समयोचित सेब की खपत बहुत रूप में यह कोलेजन के उत्पादन को बढ़ावा देने. कोलेजन के उत्पादन के लिए त्वचा की लोच है जो wrinkling कम कर सकते हैं बनाए रखने के लिए आवश्यक है.
तरबूज़ विटामिन सी में अमीर तरबूज की 92% पानी है रहे हैं. यह हाइड्रेट आपके शरीर के लिए एक अच्छा तरीका है - सिर्फ एक स्वादिष्ट और मीठा ठग के लिए रस का उपयोग करें या सिर्फ दिन पर स्लाइस की जोड़ी को काटने के लिए रखने के लिए अपने युवाओं को हमेशा के लिए शुद्ध.
ब्लूबेरी विटामिन बी 6, सी, कश्मीर और आहार फाइबर में समृद्ध है. इन महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट के साथ अपने शरीर को बहुत प्रदान. अमेरिका में कृषि अनुसंधान सेवा द्वारा रासायनिक अध्ययन तथ्य यह है कि ब्लूबेरी रसायन, जो मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने के नीचे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होते हैं उजागर किया है.
फल फाइबर
Avocado, अमरूद, खूबानी, अंजीर, तारीख और करौदा के रूप में फाइबर अमीर फल अच्छा काम कर हालत में पाचन तंत्र रखने जबकि कब्ज और बवासीर (बवासीर) को समाप्त. सेब, प्लम, आड़ू और नाशपाती के रूप में वे फाइबर सामग्री में उच्च जैसे फल की त्वचा से छील मत करो.
भोजन की एक इंद्रधनुष
", इंद्रधनुष अवधारणा बनाता है यह आसान करने के लिए सफेद कबाड़ खाने याद नहीं है" मैक्स हेल्थकेयर के मुख्य आहार विशेषज्ञ डॉ. Ritika Samaddar राज्यों. इस रंगीन संयोजन सरल carbs के खिलाफ सलाह देते हैं, साबुत अनाज और विविधता को बढ़ावा देता है, वह आगे बताया.
तो, हम सुरक्षित रूप से कह सकता हूँ कि समृद्ध रंग समृद्ध फल और इसके पोषक मूल्य के बराबर होती है. यह की तरह जो संयंत्र खुद की सुरक्षा के लिए एंटीऑक्सिडेंट और फाइटो - पोषक तत्वों के उच्च स्तर होते हैं एक इंद्रधनुष खाने 'है. Cranberries, खरबूजे, केले, प्लम और अंगूर जैसे चमकीले रंगों वाले फल खाने से हम हमारे शरीर में विटामिन और एंटी कि मुकाबला हमारी त्वचा में कोलेजन और elastin का टूटना है जो हमारी त्वचा फर्म और युवा रखने में मदद करता है. दे रहे हैं
रंगीन फल एंटीऑक्सिडेंट और अन्य phytonutrients कि आनुवंशिक क्षति के खिलाफ अपनी रक्षा को बढ़ावा देने का पूरा कर रहे हैं और तुम जवान रहने के लिए मदद करता है.
बस सुनहरा सोचा याद
अपने 20 देखो कुछ है जो आपकी त्वचा के नीचे छिपा हो सकता है. तो, आप सब करने की ज़रूरत है सिर्फ विनम्रता अपनी रसोई में चलना, कि रेफ्रिजरेटर खोलने और चबाना है कि आसानी से रंग का फल बैठे खाड़ी में आँख हलकों के तहत उन महंगी विरोधी उम्र बढ़ने लोशन, और झुर्रियों को रखना.
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|
सिर के जूं - रक्त पिपासु पिशाच आपके सर पर
जुओं की समस्या ज़्यादातर 3 से 12 वर्ष के बच्चों में पाई जाती है। लेकिन यह समस्या किसी को भी परेशान कर सकती है।
जुओं का आहार और खान पान मनुष्य का रक्त होता है। वह जिसके सिर में रहती हैं उसका रक्त पीकर जीती हैं। इनको "पिशाच"कहा जा सकता हे|
इनकी उपस्थिति शारीर में रक्त की कमी का कारण बन सकती हे| इनके कारण बच्चे चिडचिडे,हो जाते हे उनका मन किसी भी कम में नहीं लगता |
जुएँ क्या हैं ?
जुएँ बहुत ही महीन, पंख रहित कीड़े होते हैं जो सिर में आसानी से नज़र नहीं आते। वे भूरे और स्लेटी रंग की होती हैं और हर जूँ की लम्बाई चौड़ाई एक तिल से ज़्यादा नहीं होती। सिर की जुएँ, माता पिता, बच्चों, स्कूल और स्वास्थ्य की देखभाल करनेवालों की सहायता से नियंत्रण में की जा सकती हैं।
जुएँ कैसे फैलती हैं
सिर की जुएँ एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में सीधे संपर्क में आने के कारण स्थानांतरित होती हैं। संदूषित कंघियाँ और हेयर ब्रश इस्तेमाल करने से, या संदूषित चद्दरें, तौलिये या शावर कैप मिल बाँट कर इस्तेमाल करने से सिर की जुएँ फैलती हैं।
सिर में जुएँ होने के लक्षण
बालों में किसी चीज़ के चलने का एहसास।
जुओं के काटने के कारण सिर में खुजली का एहसास।
जुओं के काटने से सिर में घाव, जो कभी कभी संक्रमित हो सकते हैं।
सिर के जुओं का घरेलू और आयुर्वेदिक उपचार
- अमरुद के पत्तों को पीसकर हल्दी के साथ मिलाकर मिश्रण बना लें और नहाने से दो घंटे पहले सिर पर मल दें। इससे आपको जुओं से छुटकारा मिल जायेगी।
- नीम के पत्तों को पीसकर नहाने से 2 घंटे पहले सिर पर लगाने से भी जुओं से छुटकारा मिलता है।
- निबौली (नीम का तैल), सरसों या माजूफल का तेल लगाने से या अरिठे का फेन लगाने से जूँ और लीखें मर जाती हैं।
- तुलसी के पत्ते पीसकर सिर पर लगा लें, उसके बाद सिर पर कपड़ा बांध लें। सारी जुएँ मरकर कपडे से चिपक जायेंगी, और ऐसा दो तीन बार करने से पूर्ण रूप से जुएँ साफ़ हो जायेंगी।
- आधा चम्मच काली मिर्च का पाउडर और एक कप दही दो चम्मच नींबू के रस के साथ मिलाकर, नहाने से 20 मिनट पहले सिर पर लगाने से सिर की जुओं का पूर्ण रूप से खात्मा होता है। पर एक बात याद रखें कि नहाते वक़्त अपनी आँखें बंद रखें वर्ना काली मिर्च का पाउडर आपकी आँखों को जलन से परेशान कर सकता है।
- नींबू के टुकड़े को सिर पर रगड़ने से या नींबू का रस नारियल के तेल के साथ मिलाकर सिर पर लगाने से भी जुएँ पूर्ण रूप से नष्ट हो जाती हैं।
- नीम के पत्ते और तुलसी के पत्ते तकिये के नीचे रखने से जुओं की समस्या काफी हद तक ख़तम हो जाती है।
- लहसून का कसैला स्वाद भी जुओं को मारने में सहायक सिद्ध होता है। नहाने से पहले लहसून की लेई नींबू के रस के साथ मिलाकर सिर पर लगाने से भी जुओं को नष्ट करने में मदद मिलती है।
- सिर के से बालों को नियमित धोने से भी 2 दिन के अंदर जुएँ नष्ट हो जाती हैं।
- तीन चम्मच नींबू रस को एक चम्मच मक्खन में मिलाकर अपने बालों में 15 मिनट के लिये लगाकर रखें। उसके बाद बालों को धो दें। यह जुओं के लिये बहुत ही आसान उपचार है।
बचाव
घर की साफ़ सफाई बनाये रखें। बालों की कंघियों और हेयर ब्रश की नियमित रूप से सफाई करें। जुओं से ग्रस्त व्यक्ति के द्वारा इस्तेमाल की गयी चद्दरें, तकियों के आवरण वगैरह गर्म पानी से वॉशिंग मशीन में अच्छी तरह धोएं। हो सके तो घर की सफाई वैक्यूम क्लीनर से करें।
सिर के जुओं का इलाज जल्द से जल्द करना चाहिये क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया गया तो यह बालों की जड़ों को कमज़ोर कर सकती हैं, जिससे खुजली और बालों के झड़ने की संभावना हो सकती है।
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|
पुरूषों में मुंहासे
- यदि चेहरे पर मुंहासों जैसे ढेर सारे दाने पास-पास और गुच्छे की शक्ल में हों और बहुत दिनों तक बने रहें तो सावधान हो जाइए। यह एक्ने हो सकता हे।
देखें -- एक्ने /पिंपल्स/ या मुहासे --घरेलू इलाज/ एक्ने सौंदर्य पर दाग।
मुंहासों के लिए फलों के रस
200 ग्राम टमाटर-कच्ची हल्दी का रस एक से तीन महीने तक लगातार पीने से मुंहासों में फायदा होता है।
बीटरूट-सेबफल-अमरूद तथा पपीते का रस रोज पिएं। खीरा ककड़ी-गाजर-धनिया पत्ती का रस तथा आंवले का चूर्ण रोज लें।
अंगूर, नाशपाती, का रस, पालक-टमाटर का रस लेने से कब्ज दूर होगी तथा मुंहासे गायब हो जाएंगे।
टमाटर को पीसकर चेहरे पर इसका लेप लगाने से त्वचा की कांति और चमक दो गुना बढ़ जाती है। मुंहासे, चेहरे की झाइयां और दाग-धब्बे दूर करने में मदद मिलती है।
रक्त शुद्धि के लिए : गाजर-पालक, पत्तागोभी-लाल शलगम, टमाटर-पालक, टमाटर-कच्ची हल्दी और सेबफल का मिश्रण सेवन किया जा सकता है।
आंवला-अमरूद, संतरा आदि का रस उचित मात्रा में लेना चाहिए।
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें |.
एक्ने /पिंपल्स/ या मुहासे --घरेलू इलाज
कुछ
सौंदर्य संबंधी समस्याएं ऐसी भी होती हैं जिससे टीनेजर्स और युवा, खासकर
लड़कियां हीनभावना से भर जाती हैं। इतना ही नहीं सौंदर्य समस्याओं के चलते
लड़कियां अपना आत्मविश्वास खोने लगती हैं। एक्ने ऐसी ही समस्या है जिसको लेकर
लड़कियां खासा परेशान रहती हैं क्योंकि यह समस्या आमतौर पर टीनेज और युवावस्था
में अधिक होती है। हालांकि अधिक उम्र में भी एक्नें की समस्या परेशान कर सकती
हैं। दरअसल, एक्ने त्वचा में जलन और पिंपल्स होने की स्थिति को कहते
हैं। आपको ऐसे में कुछ ऐसे ब्यूटी टिप्स अपनाने की जरूरत है ताकि एक्ने परेशान न
करें।
एक्ने आमतौर पर बॉडी के उन हिस्सों में ज्यादा होते हैं, जहां ऑयल ग्लैंड्स ऐक्टिव होते हैं। यही वजह है कि चेहरे, पीठ, छाती, गर्दन और बाहों के ऊपरी हिस्से में ये बहुत ज्यादा होते हैं। लेकिन समय पर इलाज न होने से ये दाग भी छोड़ सकते हैं। चेहरे और अन्य जगहों पर ऑयल का जमाव न हो इसके लिए बार-बार चेहरा धोते रहना चाहिए। सौंदर्य संबंधी चेहरे की समस्याओं को दूर करने के लिए चंदन बहुत ही किफायती होता है। आप चंदन और हल्दी पाउडर दूध के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाएंगे तो आपको त्वचा की जलन और मुंहासों से आराम मिलेगा। पानी के साथ घिसा हुआ जायफल एक्ने और पिंपल के इलाज में कारगर होता है। रात को सोने से पहले अच्छी् तरह मुंह धोकर, खीरे के रस में हल्दी पाउडर लगाने से एक्ने की समस्या का समाधान किया जा सकता हैं। फुलक्रीम दूध में चिरौंजी मिलाकर पेस्ट बनाना भी एक्ने की समस्या में लाभदायक है। त्वचा की जलन और मुंहासों को दूर करने के लिए मसूर की काली दाल को पीसकर उसमें दूध, घी मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाना चाहिए। नीम की पत्तियों को धीमी आंच पर उबालें। ठंडा होने पर पत्तियों का पेस्ट बनाएं और चेहरे पर लगाएं। ऐसा प्रतिदिन करने से एक्ने की समस्या से निजात मिलती हैं। एक्ने की समस्या से बचने के लिए आपको मेकअप कम से कम करना होगा और मेकअप करें भी तो वाटरप्रूफ मेकअप ही करें। एक्नें की समस्या को खानपान से भी दूर किया जा सकता हैं लेकिन उसके लिए आपको तैलीय खाद्य पदार्थों और चॉकलेट, पेस्ट्री इत्यादि खाद्य पदार्थों को नजरअंदाज करना होगा। इन सब उपायों को करने के बाद भी यदि आपकी समस्या कम नहीं होती या फिर आपको आराम नहीं मिल रहा हो बिना देर किए आपको तुरंत स्किन स्पेशलिस्ट से मिलना चाहिए, क्योंकि एक्ने की समस्या आमतौर पर हार्मोंस में होने वाले बदलाव और असंतुलन के कारण भी हो सकती है। |
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें |.
एक्ने सौंदर्य पर दाग
समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें |.
बालों का झड़ना कैसे रोके?
बाल झड़ना आम बात है। सामान्यतः दिन में करीब 100 बाल झड़ते हैं तो कोई परेशानी वाली बात नहीं, क्योंकि इतने ही बाल प्रतिदिन झड़ते ही हें | लेकिन अगर आपके बाल इससे कहीं ज्यादा झड़ते हैं तो ये परेशानी की बात है। आज हर किसी को कोई न कोई बालों की समस्या रहती हैं। लेकिन यदि आप अपने आहार में विटामिन बी की मात्रा बढ़ा देंगे तो काफी हद तक आपको इस समस्या से निजात मिल जाएगी। अपने बालों को जरुरत के अनुसार ही आपको अपने बालों को ट्रीटमेंट देना चाहिए। तभी वह प्रभावी ढंग से परिणाम देगा।
कुछ लोग बालों में बार-बार कंधी करते हैं,ये सोचकर कि इससे बाल लंबे होंगे या फिर बाल सुलझें रहेंगे लेकिन आपको बता दें इससे भी कई बार बाल झड़ते है। आपको बालों को दिन में कम से कम 2-3 बार कंधी करें, इससे आपके बाल कम से कम उलझेंगे और बाल कम टूटेंगे। यानी बाल सुलझे भी रहेंगे और बालों के टूटने का डर भी खत्म।
बालों को झड़ने से बचाने के लिए आपको अपने बालों को धूप से बचाना चाहिए। जब भी आप बाहर धूप में जाएं तो अपने साथ छाता लेकर जाएं या फिर अपने बालों को कपड़े से पूरी तरह ढक लें।
बहुत गर्म पानी से बाल ना धोएं,वरना आपके बाल अधिक खराब हो जाएंगे और जल्दी टूटने लगेंगे।
बालों को टूटने से बचाने के लिए आपको डाइट में प्रोटीन, आयरन, जिंक, सल्फर, विटामिन सी, के
अलावा विटामिन बी से युक्त खाघ पदार्थ भरपूर मात्रा में लेने चाहिए।
पर यह भी जरुरी हे की जंक फ़ूड से बचा जाये ,क्योकि यदि इनसे ही पेट भरा होगा तो अच्छी डाईट कब और केसे ले पायेगे |
बालों को टाइट बांधना, हॉट रोलर्स व ब्लो ड्रायर व आयरन के ज्यादा इस्तेमाल करने से भी बाल डैमेज हो जाते हैं। इसीलिए कोशिश करें कि बालों को प्राकृतिक ही रहने दें और बालों पर बहुत ज्यादा एक्सेपेरिमेंट करने से बचें।
बालों को सही पोषण न मिलने से भी बाल झड़ने लगते हैं, ऐसे में बालों को झड़ने से बचाने के लिए समय-समय पर बालों में मेंहदी लगानी चाहिए या फिर बालों को पोषण देने के लिए दही भी लगा सकते हैं।
बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए आपको सप्ताह में कम से कम दो बार बालों की जड़ों में आंवला, बादाम, ऑलिव ऑयल, नारियल का तेल, सरसो का तेल इत्यादि में से कोई एक लगाना चाहिए। इससे बालों का झड़ना, बाल पतले होना, डैंड्रफ, दोमुंहे बाल व उम्र से पहले बालों का सफेद होने जैसी प्रॉब्लम्स से निपटा जा सकता है।
बालों के लिए प्रयोग होने वाले उत्पाद जैसे शैंपू, कंडीशनर इत्यादि प्रॉडक्ट्स अच्छी क्वालिटी के ही प्रयोग करने चाहिए। इससे बाल अच्छे होंगे और टूटने से बचेंगे।
अच्हा हे की खुद के द्वारा बनया हुआ प्राकतिक प्रोडक्ट प्रयोग करे |
बालों पर कलर करने से भी बाल खराब हो जाते हैं और जल्दी टूटने भी लगते हैं। इसीलिए बालों को कलर करने से पहले ध्यान रखें कि डाई में अमोनिया की मात्रा कम से कम हो यानी आप प्राकृतिक कलर मेहदी आदि को ही बाल कलर करने के लिए चुनें। इससे आपके बाल प्रभाव ढंग से हेल्दी् और स्वस्थ रहेंगे।
प्रति दिन नियम पूर्वक ५ बादाम,5 अखरोट ५ मुनक्का १ आबला,और एक चम्मच गुलकंद खाने से बालो झड़ना बंद हो जाते हें | पर कुछ दिन नहीं हमेशा लेते रहना ठीक हे |
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डेंड्रफ या रूसी
असमय सफेद होने वाले बालों का इलाज
सफेद बालों का नज़र आना आज युवाओ में लगभग आम हो गया है। बालों के सफेद होने की समस्या आमतौर पर पोषक तत्वों की कमी के कारण होती है। हालांकि असमय सफेद होने वाले बालों का इलाज संभव है। लेकिन यह जानना भी बेहद जरूरी है कि आखिर वे कौन से ऐसे कारक हैं जिनसे असमय बाल सफेद होते हैं|
शरीर जब मेलानिन कोशिकाओं का निर्माण करना बंद कर देता है, तो बालों की रंगत बदलने लगती है। मेलानिन ही वास्तव में बालों को काला रखने का कारण होता है। इस प्रक्रिया में मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाएं एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मेलानिन की निर्माण प्रक्रिया शरीर में विटामिन बी 12 की कमी होने से बाधित होती है।
सिरदर्द या सायनस जैसी बीमारी के कारण भी बाल सफेद होते हैं।
तनावयुक्तस माहौल में काम करने या जरूरत से ज्यादा तनाव के कारण भी बाल असमय सफेद होने लगते हैं।
यदि आप हरी सब्जियों व फलों का कम सेवन करते हैं तो भी आपके बाल सफेद हो सकते हैं।
खाने में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम और विटामिन की कमी भी बालों की सफेदी का प्रमुख कारण है।
बालों में केमिकलयुक्त शैंपू लगाने या हेयर डाई के प्रयोग से भी बाल जल्दी सफेद हो जाते हैं
कम उम्र में डायबिटीज का शिकार होने से भी सफेद बालों की समस्या होने लगती हैं।
युवाओं में थाइराइड ग्लैड ग्रंथी की अधिकता या स्राव में कमी के कारण भी बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं।
अधिक दवाओं के कारण भी बाल सफेद होने लगते हैं यानी हार्मोन्स में होने वाले बदलावों के चलते या किन्हीं दवाइयों के सेवन से बाल अपनी असली रंगत खोने लगते हैं।
विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के कारण होने वाली शारीरिक कमजोरी, धूम्रपान, आधुनिक जीवनशैली, अल्कोहल या नशीले पदार्थों के अधिक सेवन के कारण बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं।
युवावस्था में जैनेटिक एग्जिमा के कारण सिर में सफेद बाल दिखाई दे सकते हैं।
अधिक चिंता करना,जिम्मेदारी का बोझ,खान-पान में लापरवाही या पोषक तत्वों की कमी के कारण बाल असमय सफेद होने लगते हैं।
एनीमिया और बार-बार तेज बुखार होने से भी बालों सफेद हो जाते है।
अनिद्रा भी सफेद बालों के लिए जिम्मेदार है।
सिर में रक्त की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न होने से सफेद बालों की समस्या उत्पन्न होने लगती हैं।
युवाओं में प्रायः धूम्रपान और मादक पदार्थों के सेवन से भी बालों के सफेद होने की समस्या लगातार बढ़ रही हैं|
ख़राब आदतों को बदल डाले ऊपर के कुछ कारण हों चिकित्सक से संपर्क करें | पूरी जाँच करावे ,और चिकित्सा लें |
प्रति दिन नियम पूर्वक ५ बादाम,5 अखरोट ५ मुनक्का १ आबला,और एक चम्मच गुलकंद खाने से बाल स्वस्थ रहते हें | पर कुछ दिन नहीं लगातार लेते रहना ठीक हे |
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चिकित्सा सेवा अथवा व्यवसाय?
स्वास्थ है हमारा अधिकार १
हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|
निशुल्क परामर्श
जीवन के चार चरणौ में (आश्रम) में वान-प्रस्थ,ओर सन्यास अंतिम चरण माना गया है, तीसरे चरण की आयु में पहुंचकर वर्तमान परिस्थिती में वान-प्रस्थ का अर्थ वन-गमन न मान कर अपने अभी तक के सम्पुर्ण अनुभवोंं का लाभ अन्य चिकित्सकौं,ओर समाज के अन्य वर्ग को प्रदान करना मान कर, अपने निवास एमआइजी 4/1 प्रगति नगर उज्जैन मप्र पर धर्मार्थ चिकित्सा सेवा प्रारंंभ कर दी गई है। कोई भी रोगी प्रतिदिन सोमवार से शनी वार तक प्रात: 9 से 12 एवंं दोपहर 2 से 6 बजे तक न्युनतम 10/- रु प्रतिदिन टोकन शुल्क (निर्धनों को निशुल्क आवश्यक निशुल्क ओषधि हेतु राशी) का सह्योग कर चिकित्सा परामर्श प्राप्त कर सकेगा। हमारे द्वारा लिखित ऑषधियांं सभी मान्यता प्राप्त मेडिकल स्टोर से क्रय की जा सकेंगी। पंचकर्म आदि आवश्यक प्रक्रिया जो अधिकतम 10% रोगियोंं को आवश्यक होगी वह न्युनतम शुल्क पर उपलब्ध की जा सकेगी। क्रपया चिकित्सा परामर्श के लिये फोन पर आग्रह न करेंं। ।
चिकित्सक सहयोगी बने:- हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म चिकित्सा में रूचि रखते हैं, ओर प्रारम्भ करना चाह्ते हैं या सीखना चाह्ते हैं, तो सम्पर्क करेंं। आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| सम्पर्क समय- 02 PM to 5 PM, Monday to Saturday- 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल एलोपेथिक चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|
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