Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |

Summer (Grishma) - Seasonal schedule:- How to stay healthy this season?

ग्रीष्म-  ऋतु चर्या - कैसे स्वस्थ रहें, इस मोसम में? 
ऋतु आवत ऋतु जात हैकहत सबन यह बात|  अनुकूल चंगा  रहेप्रतिकूल पाये घात||
हमारे देश में सूर्य उत्तरायण होने से दिन लम्बे और गर्म होते हैं| इसे  ग्रीष्म ऋतु जो माह मई से जुलाई के आरम्भ तक रहती है, कहा जाता है| इस समय वातावरण कष्टकारी तीव्र गर्मी, गर्म हवाएं (लू) के साथ चलती है|  इससे व्यक्ति शारीरिक शक्ति में कमी की अनुभूति, और अग्नि मंद हो जाती है| अग्नि और वायु महाभूत प्रबलता होती है| वात दोष संचित (एकत्र) होता है, कफ दोष शांत रहता है| 

Spring;- Seasonal schedule:- How to stay healthy this season?

बसन्त ऋतुचर्या ( कैसे स्वस्थ रहें इस मोसम में?)
ऋतु आवत ऋतु जात है, कहत सबन यह बात।
अनुकूल चंगा  रहे, प्रतिकूल पाये घात।। 
मार्च, से मई – (चैत्र, वैशाख) के आसपास बसंत ऋतु रहती है| 

Spring - Invasion of Allergies!

वसंत ऋतु - एलर्जी का आक्रमण !
डॉ मधु सूदन व्यास MIG 4/1 प्रगति नगर उज्जैन मप्र 

वसंत ऋतु का आगमन हो चूका है| निश्चय ही हम सभी ठण्ड के कपडे पेक कर रहे होंगे| वसंत ऋतु की ठंडी हवाओं का आनंद भी ले रहे होंगे, और आम जैसे मौसमी फलों, सब्जियों और उनसे बने व्यंजनों का का मजा लेने के लिए भी तैयार होंगे|
परन्तु हमको यह भी पता होना ही चाहिए की वसंत ऋतु आनंद के साथ कई स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याएं भी लेकर आता है| इनसे बचने के लिए जाने और समझे की उन्हें कैसे नियंत्रण में रख सकते हें|  मोसम के इस परिवर्तन काल में एलर्जी या प्रत्यूर्जता जो किसी भी पदार्थ पराग कण, कुछ विशेष खाने-पीने, धुआं, धूल, अगरबत्ती की गंध आदि आदि किसी भी कारण से हो सकता है, इस संमय अधिक देखा जाता है|
इसमें प्रभावित अपनी नाक रूकावट, एक या अधिक छींक, गले में खुजली या अपनी बांह या शरीर पर छोटे-छोटे दाने, खुजली, चकत्ते, मिल सकते हें, जो ध्यान न देने पर अधिक कष्टकारी भी सिद्ध हो सकते हें|
भ्रमित न हों की यह सब सर्दी जुकाम से है, यह मनुष्य की उसके शरीर द्वारा उस विशेष वस्तु से बचाव का प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है, इसे उस वस्तु के प्रति हाइपरसेंसिटिव होना भी कहा जाता है|

Why are more restrictions in Ayurvedic medicine? (आयुर्वेद चिकित्सक अधिक परहेज क्यों बताते हें?)

आयुर्वेदिक चिकित्सा में अधिक प्रतिबंध क्यों होता है? या 
आयुर्वेद चिकित्सक अधिक परहेज क्यों बताते हें?
इस प्रकार के कई प्रश्न अक्सर किये जाते हें| इस बात को जानने के लिए पढिये निम्न जानकारी:- 

हर व्यक्ति स्वस्थ्य रहना चाहता है, वह यह भी चाहता है की उसे कभी भी कोई रोग या कष्ट न हो|
यदि सचमुच में निरोगी रहना चाहता है, तो उसे रोग या कष्टों का कारण भी जानना होगा|
पर अक्सर जब इनका कारण वह तब जान पाता है जब वह किसी न किसी रोग या कष्ट से प्रभावित हो जाता है| कारण दुःख होने के बाद ही इस और विचार करता है, यदि स्वस्थ-अवस्था में ही यह जानकारी हो जाये to रोग होगा ही क्यों? 
यदि अभी स्वस्थ है और आगे भी स्वस्थ रहना चाहते हें?
अथवा आपको निम्न में से कोई भी कष्ट, या रोग है और आप उसे दूर करना चाहते हें तो आपके लिए यह जानकारी वाला लेख पड़ना चाहिए|

The truth of the "Asthma disease" drug on Sharad Purnima?

The truth of the "Asthma disease" drug on Sharad Purnima?
शरद पूर्णिमा पर श्वास रोग की दवा का सच?
श्वास के रोगियों के लिए शरद पूर्णिमा पर कई संतों द्वारा रात्रि में खीर आदि के साथ ओषधि दी जाती है, और दवा किया जाता है की इसके बाद रोगी स्वस्थ्य हो जायेगा!
परन्तु सच क्या है क्या सचमुच में एक बार ओषधि प्रयोग से श्वास रोग ठीक हो जाता है, इस बात का उत्तर जानने के लिए श्वास रोग विषयक निम्न जानकारी पढ लें फिर स्वयं निर्णय करें| 

The reason for growing weight, drinking water less - now American research also says!


The reason for growing weight, drinking water less - now American research also says!

वजन बढ़ने का कारण, पानी कम पीना - अब अमेरिकी शोध भी कहता है!
प्राचीन आयुर्वेद अनुसार हजारों वर्षों से कहा गया है की भोजन के पूर्व पानी पीना वजन में कमी, भोजन के साथ पीना वजन को स्थिर, और भोजन के बाद पानी पीना से वजन बड़ता है| 

अब अमेरिकन कैमिकल सोसाइटी ने भी इस संबंध में शोध करने पर पाया कि "खाने  के पहले पानी पी लेने से 3 महीने में करीब सवा 2 किलो वजन कम होने के परिणाम दिखे क्योंकि भोजन से पहले ग्रहण किया गया पानी भोजन में 75 से 90 फीसदी कैलोरी कम ग्रहण करने में मददगार साबित होता है|

Heart disease, stroke, blood pressure diabetes ie are easily available 24 Hours X 7 days at every corner shop in our country?


हृदय रोग, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर मधुमेह, आदि आसानी से हमारे देश में हर कोने की दुकान में 24 घंटे X 7 दिन उपलब्ध हैं?
क्या ह्रदय रोग, स्ट्रोक, ब्लड प्रेशर मधुमेह, चोबीस घंटे सात दिन अर्थात हर समय हमारे देश में हर नुक्कड़ दुकान पर मिलता है?
जी हाँ यह बिलकुल सत्य है! और इनके कारण ही विश्व स्वास्थ्य संगठन भी चिंतित है! 

Infertility or Impotence in men and women.[पुरुष-स्त्रियों में बांझपन या नपुंसकता].

पुरूषों में बांझपन अर्थात  वो पुरूष जो पिता नहीं बन सकते। 
पुरुष प्रधान समाज में संतान नहीं होने पर अक्सर इस बात की जिम्मेदारी स्त्रियों पर डाल दी जाती हैजबकि पाया गया है, कि अधिकांश मामलों में पुरुष स्वयं ही इस बात का जिम्मेदार होता है| और अक्सर समाज में उसे नपुंसक न मान लिया जाये इस हैतु स्त्रियों को बाँझ करार देकर पिंड छुड़ा लेना चाहता हैवह अपने पुरुषत्व का प्रतीक सम्भोग क्षमता को या लेंगिक उत्तेजना मात्र को मानकर स्वयं को इसका कारण नहीं मानता 

Control over weight is a big problem - what to do?

Weight control a problem - So what to do?
वजन पर नियन्त्रण एक समस्या- तो फिर क्या करें?  
एक रोगी ने लिखा - वजन कम करने के लिए विज्ञापन बाली सब कहानियां समय और धन की बर्बादी ही सिद्ध हुई|   

The Enteritis and Ulcerative colitis- Crisis on Life .

आंत्रशोथ या सव्रण बृहदांत्रशोथ-  जीवन पर संकट:- 
यदि किसी रोगी को बार-बार दस्त (diarrhea) जाने लगते हों, मतली (nausea) या उल्टी (vomiting), भूख न लगना (loss of appetite), पेट में ऐंठन और दर्द (abdominal cramps and pain), जैसे लक्षण मिलते हों, साथ ही हमेशा या कभी कभी मल के साथ खून (bleeding) या आवं (mucus) निकलने लगती है , रोगी को ज्वर (fever), की प्रतीति भी हो सकती है - ये सब या कुछ लक्षण मिलते हों तो जान ले आपकी आंत विशेषकर बड़ी आंत में सूजन हो गई है, और हुए व्रण (घाव) से खून  बहने वाला रोग
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स्वास्थ /रोग विषयक प्रश्न यहाँ दर्ज कर सकते हें|

स्वास्थ है हमारा अधिकार

हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

चिकित्सक सहयोगी बने:
- हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल परामर्श चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|