Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |

Control over weight is a big problem - what to do?

Weight control a problem - So what to do?
वजन पर नियन्त्रण एक समस्या- तो फिर क्या करें?  
एक रोगी ने लिखा - वजन कम करने के लिए विज्ञापन बाली सब कहानियां समय और धन की बर्बादी ही सिद्ध हुई|   

The Enteritis and Ulcerative colitis- Crisis on Life .

आंत्रशोथ या सव्रण बृहदांत्रशोथ-  जीवन पर संकट:- 
यदि किसी रोगी को बार-बार दस्त (diarrhea) जाने लगते हों, मतली (nausea) या उल्टी (vomiting), भूख न लगना (loss of appetite), पेट में ऐंठन और दर्द (abdominal cramps and pain), जैसे लक्षण मिलते हों, साथ ही हमेशा या कभी कभी मल के साथ खून (bleeding) या आवं (mucus) निकलने लगती है , रोगी को ज्वर (fever), की प्रतीति भी हो सकती है - ये सब या कुछ लक्षण मिलते हों तो जान ले आपकी आंत विशेषकर बड़ी आंत में सूजन हो गई है, और हुए व्रण (घाव) से खून  बहने वाला रोग

Now we are available in a charitable hospital also.

Now we are available in a charitable Mahakal Ayurvedic Hospital O.P.D without consultation fee, for Ayurvedic treatment & Panchakarma Therapy.
"Get First Firsts"

The Consultation with doctors in Mahakal Ayurvedic Hospital is absolutely free.

Digestive problem,& piles,

3/ 22/2018 16:53:20
 Rajeshkumar sharma Dist:-jhunjhunu,Rajasthan/आयु 31/
प्रश्न-
समस्या- ,Digestive problem,& piles, painful daily routine,weakness / last 2 years / 

What happens when blood pH gets acidified? & What is the solution to the problem arising from blood acidifying?

जब भी किसी व्यक्ति को निम्न समस्याएं हों  तो उसका रक्त अम्लीय हो गया हैऔर सावधान  हो जाये इससे पाहिले की कोई भयानक रोग उसे नष्ट कर दे?  

Sciatica (कटिस्नायुशूल) Treatment.

Date- 3/10/2018 5:06:36
Name-मदनलाल ; निवास -अजमेर राजस्थान; आयु – 41; प्रमुख रोग- साइटिका ;
प्रश्न - मुझे साइटिका** है मैने काफी उपचार करवाया आराम नही मिला
अवधि - तीन महीने ;
पता - मदनलाल कामड गांव बलवंता पोस्ट राजोसी जिला अजमेर राजस्थान ;
फोन/मोबायल 9214363930; ई मेल --;
उज्जैन आ सकेंगे| - हाँ
उत्तर :- आयुर्वेद चिकित्सा से यह रोग ठीक किया जा सकता है| ओषधि चिकित्सा एवं पत्र-पिंड स्वेद एवं विशेष व्यायाम किया जाता है| आपका रोग नया है इसलिए लाभ भी शीघ्र हो जायेगा|
आप हमारे धर्मार्थ चिकित्सालय में आकर चिकित्सा ले सकते हें| आने से पूर्व संपर्क करें|

**Sciatica:- pain affecting the back, hip, and outer side of the leg, caused by compression of a spinal nerve root in the lower back, often owing to degeneration of an intervertebral disk. The commonest cause of true sciatica is prolapse of intervertebral discs.
** कटिस्नायुशूल:- पीठ, कूल्हे, और पैर के बाहरी भागों की ओर को प्रभावित करने वाले दर्द, निम्न पीठ में रीढ़ की हड्डी स्थित तंत्रिका के संकोचन या दवने से होती है, सामान्यत: यह समस्या रीड की हड्डी के डिस्क के भ्रंश के कारण होती है|

 समस्त चिकित्सकीय सलाह, रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान (शिक्षण) उद्देश्य से है| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| इसका प्रकाशन जन हित में किया जा रहा है।

Cancer, Diabetes, Kidney like diseases, Caused by acidity in the blood! -You can avoid them. कैंसर, मधुमेह, किडनी जैसे कई रोग, होते हें रक्त में अम्लता के कारण! - और आप उनसे बच सकते हें!

कैंसर, मधुमेह, किडनी जैसे कई रोग, होते हें रक्त में अम्लता के कारण! - और आप उनसे बच सकते हें!
हर व्यक्ति का यह सपना होता है की वह अपना घर बनाये, और जब भी मोका मिलाता है तब वह बाज़ार से सबसे अच्छे सीमेंट, रेट, ईंट, आदि ही खरीदना चाहता है| यही नहीं उनका अनुपात भी “संतुलित” नियमों के अनुसार ही मिलाना चाहता है| कोई नहीं चाहता की सीमेंट आदि की कमी-वेशी करके मकान बनाये|
 परन्तु जिस घर में वह पैदा होने से रह रहा है उसकी और कोई ध्यान नहीं देता| में यहाँ ईंट सीमेंट के मकान की बात न कह, उस शरीर की बात कर रहा हूँ जिसमें वह पैदा होने के बाद से ही रह रहा है| 

Prayer after Awakining.(प्रात:स्मरण).

Prayer after Awakining.
प्रात: स्मरण आयुष्य, जीवन रक्षक, जीवन-शक्ति, Lifemanship है|
अक्सर सुबह का टेलीफोन सन्देश किसी परिजन को लकवा (Paralysis)होने, दिल का दोरा (Heart attack), मस्तिष्क अघात (Brain Stroke), या मृत्यु (Death) होने जैसा दुखद समाचार देता है|

Varicose veins Or Siraja Granthi – Can cause of death.

Varicose veins Or Siraja Granthi –It can cause of death.
अपस्फीत शिराएँ (वैरिकाज़ वेंस) या सिराज ग्रंथि- भी मृत्यु का कारण हो सकतीं है|
जी हाँ वैरिकाज़ वैन्स या सिराज ग्रंथियां जो जिम्मेदार हो सकतीं हैं पैरों में गम्भीर घाव या अल्सर (Ulcers), शिराओं में रक्त के थक्के (Blood clots) बनने और उनके ह्रदय तक पहुंचकर हृदय रोग (Cardiovascular or Heart Disease), बनने में, या गंभीर रक्तस्राव जो मृत्यु (Death) का कारण?
क्या हैं ये सिराज ग्रंथियां? 

Ayurvedic Dietetic regimen or ‘Samsarjana Kram (system)’ - A Process of Reconstruction or Regeneration of body.

“संसर्जन क्रम” आयुर्वेदीय आहार व्यवस्था - शरीर की एक पुनर्निर्माण या पुनर्जनन की प्रक्रिया है! 
पंचाकर्मादी, किसी बड़े रोग की चिकित्सा परहेज के बाद अथवा व्रत-उपवास आदि के बाद, प्रत्येक को चाहिए की "संसर्जन क्रम" अपना कर, जीवन भर स्वस्थ्य आहार, आचरण, और विहार (घूमना, व्यायाम, योग, स्वस्थ्य चिंतन, सदाचरण आदि) बनाये | जिन लाभों के लिए उसने पंचकर्म या अन्य चिकित्सा करवाई थी वह लाभ उसे पूरा मिल सके और पुन: कई रोगों आदि का कष्ट दुबारा न उठाना पड़े| यदि आयुर्वेद के इन नियमों का पालन नहीं किया गया तो सारी कोशिश व्यर्थ हो जाया करती है| 
पंचकर्म के बाद व्यक्ति का शरीर एक शिशु के समान हो जाता है, अब उसे पुन: जिस रूप में ढालना हो ढाला जा सकता है, खाने, पीने, रहने, सहने,  आदि समस्त| विशेषकर संसर्जन क्रम के पश्चात् यदि पुन: पूर्व की तरह मिथ्या और अनावश्यक आहार-विहार या मिथ्याहारविहार, शुरू कर दिया जाये तो प्रारम्भ में तो पाचन सम्बन्धी समस्याएं होतीं हें, जो कई नए और पुराने रोगों के प्रकोप का कारण बनती हें|  इस प्रकार सुखी निरोगी “स्वस्थ्य जीवन” की कोशिश व्यर्थ हो जाती है|  
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स्वास्थ है हमारा अधिकार

हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

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- हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल परामर्श चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|