Rescue from incurable disease

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लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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  • Before Marriage is essential to match the body's horoscope.

    क्यों विवाह पूर्व अधिक जरुरी है- 
    - शरीर की कुंडली मिलाना? 
    चाहे माता-पिता आदि द्वारा तय किया विवाह (अरेंज्ड मेरीज) हो, या गंधर्व विवाह (लव-मेरिज) विवाह मूल रूप से सामाजिक सन्तति वर्धन की प्रक्रिया है, इसी कारण विवाह का सम्बन्ध युवक -युवती के शरीर और स्वास्थ्य से जुडा हुआ हो ही जाता है|   
    कई समाजों में विशेषकर हिन्दुओं में जन्म कुंडली मिलाना प्राथमिक माना जाता है, या इसके जैसी ही अन्य बातों पर धर्म के मान से विचार किया जाता है| “पड़े-लिखे” जो स्वयं को विद्वान समझते हें वे भी कुंडली मिलान या इस प्रकार की परम्परा को प्राथमिक आवश्यकता मानते हें|

    How dangerous it is to walk barefoot on a green grass, sand or soil.

    कितना खतरनाक है, हरी घास, मिट्टी, या रेत पर नंगे पैर चलना
    हरी घास, मिट्टी या रेत पर नंगे पैर चलने और घुमने की इच्छा कई लोगों की होती है, कई लोग इसके लिए कहते और आग्रह करते हुए भी देखे जाते हें, बेशक इससे कुछ लाभ जिनमे तनाव से मुक्ति, जैसे कई लाभ भी होते हें, परन्तु यह जानना भी जरुरी है की घास, रेत या जमीन पर बिना जूते घूमना अत्यंत हानि कारक भी हो सकता है|
    वर्तमान स्तिथियों में एक चिकित्सक के दृष्टिकोण से, और चिकित्सा के लिए पिछले 40 वर्षों के अनुभव अनुसार मेरा मानना है की कहीं भी, विशेषकर सार्वजानिक बाग़-बगीचों, सड़कों, मैदानों, नदी या समुद्र के किनारे वाले या इस जैसे स्थानों पर बिना जूते पहिने घूमना लाभ 20% की तुलना में नुकसान देह 80%, अधिक है| 

    The causes of autoimmune disease and prevention & therapy,

     ऑटोइम्‍यून रोग (निज रोग) उनके कारण, निवारण और चिकित्सा.
     According to Ayurveda “Nij Roga’s” are-  Autoimmune disease.
    आयुर्वेद के अनुसार निज रोगही होते हें - स्व-प्रतिरक्षित (ऑटोइम्‍यून) रोग.
    वर्तमान में हम सबको भोजन, पानी, हवा, आदि सब कुछ मिलावट से भरपुर, विषाक्त लेने के लिए मजबूर होना होता है, इन खाने-पीने-श्वास आदि के साथ मिली अशुद्धियों को मेटाबोलिक प्रक्रिया से दूर करने के लिए, हमारी प्रतिरोधक क्षमता संघर्ष करती है, यह सतत प्रक्रिया, शरीर के ऊतको को कमजोर बनाती हैं, इससे रोग प्रतिरोध क्षमता कम होती चली जाती है, ऐसे में यह प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के कुछ अंगों, या उन्हें बनाने वाले पदार्थों को ही शरीर का दुश्मन समझ उन पर हमला कर देती है, इस आपसी युद्ध से कमजोर शरीर में कई रोग उत्पन्न होने लगते हें| ये रोग ही ऑटोइम्यून रोग होते हें, इन्ही के समान परिभाषा वाले रोगों को ही आयुर्वेद ने निज रोग कहा है
    कई बार जोड़ों में दर्द, थकान, अनिद्रा या ज्वर होने पर वह ठीक नहीं होता और न ही उसका कारण पता चलता विशेषकर 65 वर्ष से अधिक आयु की 60% महिला और 40% पुरुषों में तो यह स्वप्रतिरक्षित रोग हो सकता है

    Freedom from the big crisis by examining diseases at the time. {समय पर रोगों की जांच बड़े संकट से मुक्ति|}

    समय पर रोगों की जांच बड़े संकट से मुक्ति|  
    कुछ लोग ज्योतिषी से भविष्य पूछते हें, जबकि सच्चा भविष्य ज्ञान तो किसी चिकित्सक की जाँच लेब में ही मिल सकता है|  पर अक्सर सामान्य स्तिथि में जाँच करने जाने से डरते हें|  
    डरें नहीं, 
    जांचों में कोई खतरा नहीं होता-
    किसी जाँच से कोई रोग हो नहीं जाता-
    जब अच्छा और सुखी जीवन जीने के लिए हम भोजन, भोग-विलास आदि पर व्यय कर सकते हें तो कुछ व्यय उसे वैसा ही सुखी रखने में क्यों नहीं करते? 

    Exposed body- it means health, energy & power.

    खुले शरीर का अर्थ है- स्वास्थ्य, ऊर्जा और शक्ति!
    सूर्य धूप से बचने का अर्थ है, कमजोर शरीर?  
    गोरे रंग के लिए धुप से बचने का मतलब जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द और बीमार कमजोर हड्डियों वाला शरीर प्राप्त करना, पर जब शरीर को खड़े रखने वाली हड्डियाँ ही कमजोर होने लगेंगीं तो कोई कितने दिन स्वस्थ खड़ा रह पायेगा| क्या इस मूल्य पर गोरा रंग पाने के लिए कोशिश ठीक होगी|
    यहाँ हमारा मतलब शरीर के अंगों का कामुक प्रदर्शन भी नहीं है|
    अक्सर हम आधुनिक लोग इस बात को गंभीरता से नहीं लेते, कुछ तो इसे असभ्यता (Vulgar) कह कर नकारते भी है| 
    आधुनिक समाज के लोगों की तुलना में ग्रामीण

    Careful - From the spray in the toilet.

    सावधान - शौचालय में उठने वाली फुहार (spray) से! 
    Your toilet too can make your family sick.  आपका टॉयलेट भी आपके परिवार को बीमार  बना सकता है| 
    कहीं आपका टॉयलेट ही आपके परिवार को बीमार नहीं बना रहा है? 
    आप रोगों के प्रति बड़ा ही सावधानी पूर्ण नजरिया रखते हें, रेल, बस, और सार्वजानिक स्थानों पर किसी के भी खांसते या छींकते समय आप बड़े ही सावधान होते हें, की उनके मुहं से निकली फुहार (स्प्रे), या एरोसोल आपकी साँस के साथ अन्दर न चली जाये| 
    परन्तु अधिकतर लोग यह नहीं जानते की शोच के बाद जब हम फ़्लैश चलाते हें तो भी बड़ी ही तेजी से फुहार या एरोसोल ऊपर की और उठती है, जो नजदीक से अनुभव भी की जा सकती है|  

    What & Why- do not eat, in the rainy season?

    क्या और क्यों - वर्षा ऋतू में नहीं खाना चाहिए? 
             हर मोसम में कई खाद्य हानि कारक होते हें पर अक्सर कुछ लोग कहते सुने जाते हें की "वे तो खाते हें उन्हें कुछ नहीं होता" 
            वारिश के मोसम में पत्तेवाली सब्जियां और विशेष रूप से जो सीधे जमींन पर लगतीं हें जैसे पालक, मेथी आदि, नहीं खाना चाहिए| -

    Beware from diabetes.मधुमेह से सावधान,

    सावधान आपको मधुमेह {Diabetes} हो रहा ही या होने वाला है:-,
     यह इस बात पर निर्भर है की निम्न में से कितने लक्षण आप पर दिख रहे हें!

    Be careful your blood pressure has increased.

    सावधान आपका ब्लड प्रेशर बढ़ गया है!! 
    • आपको क्रोध (गुस्सा) अधिक आ रहा है?
    • दिल की धड़कन बड रही है

    Detect disease by Eye Exams. नेत्र परीक्षा से रोग निदान.


    आँखों में कोई कष्ट हो न हो पर आँख की जाँच करने पर कई रोगों का पता लगा जाता है| जी हाँ यह सही है, इसीलिए प्रत्येक निष्णात चिकित्सक रोगी की आँखों में झांक कर भी देखता है, रोगी परीक्षा में ऑंखें की जाँच बड़ी महत्व पूर्ण होती हैं, किसी भी चिकित्सक को इसका अनुभव होना ही चाहिए, केवल चिकित्सक ही नहीं रोगी स्वयं या परिवार के सदस्य, मित्र आदि भी आँखों में परिवर्तन देख रोग के प्रति सचेत भी हो सकते हें|
    नाडीपरिक्षण से रोग निदान, त्वचा (skin), नाख़ून देख कर रोग निदान का वर्णन पूर्व में किया जा चूका है, (देखें लिंक)
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