Rescue from incurable disease

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लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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  • हार्ट अटैक-क्यों? कब? केसे?ओर फिर क्या करें?

    हार्ट अटैक -यह एक एसा शब्द है, जिसे कोई सुनना नहीं चाहता, ओर न मानना चाहता है। 
    की उसे इस प्रकार की कोई समस्या हो सकती है, फिर भी यह होता है, ओर अक्सर जब पता चलता है तब तक देर हो चुकी होती है। इसके आगमन को पहचानना आवश्यक है, यदि पहचान लिया जाए तो हमारे नजदीक उपस्थित व्यक्ति के प्राण बचाए जा सकते हें। 
    कैसे पहचानेगें की हार्ट अट्टेक हुआ है।    
    •  दर्द अगर पिन पॉइंट या उंगली से पता किया जा सके तो हार्ट अटैक का नहीं है। 
    •  दर्द अगर 30 सेकंड से कम रहे तो हार्ट अटैक का नहीं है। 
    • दर्द अगर 5 मिनट से कम रहे, तो भी हार्ट अटैक नहीं, पर एंजाइना हो सकता है, यह आगामी अट्टेक की भूमिका हो सकती है। 
    • इससे ज्यादा देर तक हो तो हार्ट अटैक हो सकता है। 
    पर रुकिए!  अभी ओर भी बातें जानना जरूरी है, हार्ट अट्टेक बिना किसी दर्द के भी हो सकता है इसे साइलेंट हार्ट अट्टेक कहते हें। इसलिए हमको इसके बारे में ओर भी अधिक जान लेना चाहिए।  
    क्यों होता है हार्ट अट्टेक? 
    ह्रदयाघात या हार्ट अट्टेक कोरनारी हार्ट डिसिज (CHD) या ह्रदय रोग का ही परिणाम है। शरीर के प्रत्येक अंग की तरह ही धमनियों द्वारा रक्त के माध्यम से ऑक्सीज़न की आपूर्त्ति ह्रदय की मांस पेशियों को भी की जाती है। ये मांस पेशियाँ, ह्रदय को पानी के पम्प (मोटर) की तरह धड़काती या चलती रहती हें। इन मांस पेशियों को रक्त सप्लाई करने वाली धमनियों को कोरोनारी धमनी(आर्टरी) कह जाता है। इन धमनीयों में एक मोम जैसा पदार्थ [कोलेष्ट्रोल] जमना शुरू हो जाता है, इससे ऑक्सीज़न को ह्रदय की मांसपेशी में पहुचने में कठिनाई होती है। इस स्थिति को धमनी काठिन्य या एथ्रिओस्क्लेरोसिस [Atherosclerosis] कहा जाता है। एसा कई वर्षों में होता है। 
     यह मोम जैसा जमा पदार्थ थक्के के रूप में शरीर की किसी धमनी के अंदर टूट कर बहने लगता है। जब यह थक्का आपस में जुड़ कर काफी बड़ा हो जाता है, तो यह पूरी तरह से, या आंशिक रूप से कोरोनरी धमनी में पहुंच कर रक्त के प्रवाह को रोकने [ब्लॉक] लगता है। 
    इस रुकावट को यदि समय रहते ठीक नहीं किया जा सके [चिकित्सा न हो]  तो ,हृदय की मांसपेशी के हिस्से ऑक्सीज़न की कमी से नष्ट होने लगते हें। हालांकि नष्ट हो रहे टिशूज [ऊतक] नए भी बनते हें पर यह क्षति गंभीर या लंबे समय के लिए स्थायी समस्याओं का कारण बन सकती है। 
    यह क्षति ग्रस्त मांसपेशी ओर अवरुद्ध धमनी [ब्लोक्ड आर्टरी, चित्र में देखें] हार्ट अट्टेक या दिल का दौरे का कारण बनता है।  

    दिल का दौरा पड़ने का एक कम आम कारण एक कोरोनरी धमनी पर एक गंभीर खिचॉव या ऐंठन होती है।  ऐंठन धमनी के माध्यम से रक्त के प्रवाह में  पूर्ति के लिए होता हेंजो, यह कार्य धमनी काठिन्य {Atherosclerosis} के कारण नहीं हो पाता ओर ह्रदय काम करना बंद कर देता हे।  
    ह्रदय के बंद होते ही शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रक्त पंप नहीं हो पाता। जो जीवन के लिए आवश्यक है। 
    इंतजार न करें तत्काल सहायता करें! 
    एसा होने पर या दिल का दौरा पड़ने का पहला संकेत मिलते ही तेजी से जीवन को बचाने और दिल को अधिक हानी होने से बचा कर हानी सीमित (कम) कर सकते हैं। सीपीआर या छाती को बार बार दावा कर मृत्य मुख में पहुंचे व्यक्ति की पुनर्जीवित किया जा सकता है और यही तत्काल दी गई सहायता बाद में किए जाने वाले उपचार में अधिक मददगार होती है देखें विडिओ CPR कैसे कोई भी दे सकता है| लिंक:- [विडिओ  Cardiopulmonary Resuscitation (CPR) Must-see Video]
    केसे जानेंगे की यह दिल का दौरा है?
    पुरुषों और महिलाओं दोनों में दिल का दौरा पड़ने का सबसे आम चेतावनी के लक्षणों में से कुछ निम्न हैं, 
    • सीने में दर्द या बेचैनी - ताजा आए दिल के दौरे सीने के बाईं ओर में बेचैनी जो आमतौर पर एक कुछ मिनट या समय तक रहती है फिर कम हो जाती है और फिर से वापस आ जाता है । रोगी इसे कम या अधिक बेचेनी, या दर्द , ओर दबाव की तरह महसूस कर सकता  हैं।  यह कभी कभी जलन, एसिडिटी या अपच की तरह महसूस की जा सकती है। 
    • शरीर के ऊपरी भागों में बेचैनी . रोगी दर्द या बेचैनी में से एक,या दोनों, दोनों हाथ , पीठ, कंधे , गर्दन , जबड़े , या पेट के ऊपरी भाग ( नाभि से ऊपर ) पर भी महसूस कर सकता हैं। 
    • सांस की तकलीफ -बिना किसी कारण के ही यह लक्षण हो सकता है।  या यह पहले या सीने में दर्द या बेचैनी के साथ सांस में कष्ट भी हो सकता है। एसा व्यक्ति के आराम करने या सामान्य शारीरिक गतिविधि करते समय भी हो सकता है। 
    अन्य संभावित लक्षण। 
    • ठंडा पसीना छूटना बिना किसी कारण के थकावट (टायर्ड) अनुभव करना, विशेषकर महिलाओं में यह थकावट बिना किसी कारण से कई दिन तक रहे। 
    • मतली और उल्टी होना। 
    • अचानक सिर में खालीपन प्रतीत होना( headedness) या अचानक चक्कर आना । 
    • अचानक कोई बिना कारण कोई नया लक्षण जो अब बन गया हो जैसा कभी भी पहिले अनुभव न किया हो। 
    साइलेंट हार्ट अटैक का अर्थ है किसी भी व्यक्ति को हार्ट अटैक हो लेकिन सीने में दर्द की शिकायत ना हो। परंतु अन्य लक्षण इसी प्रकार के मिलें तो यह साइलेंट हार्ट अट्टेक हो सकता है। इसमें मरीज को बिलकुल पता नही चलता है और हार्ट अटैक हो जाता है। इस स्थिति में मरीज में कुछ अन्य लक्षण दिखाई व महसूस किए जाते हैं। 
    त्वरित कार्रवाई ही जीवन बचाती है। 
    यदि आपको लगता है कि आपको या किसी और को ऊपर लिखे लक्षण हें तो इसे नजरअंदाज न करें।चाहे बाद में कुछ भी न निकले जो अच्छा है, पर मदद के लिए किसी को बुलाने के लिए शर्म नहीं करें।  आपातकालीन चिकित्सा सेवा का लाभ लेकर जीवन को बचा सकते है। 
    तात्कालिक चिकित्सा ओर सावधानी भी जरूरी है?
    • सीपीआर यानी चेस्ट कॉम्प्रेशन---  अगर किसी की सांस रुक जाए तो 10 मिनट के अंदर, 10 मिनट तक, 10 x 10 यानी 100 प्रति मिनट की स्पीड से मरीज की छाती पीटें। उसके बचने के चांस 60 फीसदी होंगे।
    • अस्पताल के लिए जाते समय पीढ़ित स्वयं ड्राइव या किसी अपने के लिए भी आप ड्राइव नहीं करें। 
    • किसी एंबुलेंस को प्राथमिकता दें ताकि रास्ते में ही चिकित्सा शुरू हो सकें।
    • यदि उपचार पूर्व से चल रहा हो तो नाइट्रोग्लिसरीन की गोली जो हमेशा साथ होना चाहिए, जीभ के नीचे रख लें। 
    • हार्ट अटैक हो तो मरीज को 300 एमजी वॉटर सॉल्युबल एस्प्रिन (डिस्प्रिन) चबाने को दें। 
    • जवाहर मोहरा [एक महंगी आयुर्वेदिक ओषधि] की एक डोज़ 50 से 100 मिग्रा जीभ पर रख दे। 
    तीव्र [एक्यूट] हार्ट अटैक होने पर शुरुआती 3 घंटे काफी महत्व पूर्ण होते हें। इनमें रोगी को जरूरत के मुताबिक एंजियोप्लास्टी या दूसरा इलाज मिल जाना चाहिए।
      कुछ विडिओ जो देखना चाहिए, इससे आप अपनी या किसी अपने की जान बचा सकते हें|
    कृपया देखें, सीखें और किसी को मोत के मुहं से वापिस लायें:-

    कार्डियोपल्मोनरी रेस्युसियेशन या सीपीआर एक आपातकालीन जीवन-रक्षक प्रक्रिया है।  यह हार्ट अटेक, पानी में डूबने, या अन्य किसी कारण से साँस बंद हो जाने पर मष्तिष्क को रक्त ण मिलने से उसे होने वाली क्षति या मृत्यु हो जाने बचने के लिए होती है| आवशयक नहीं की इसे जानने वाला कोई चिकित्सक ही हो| कोई भी व्यक्ति इस विडिओ से सीख कर किसी की जान बचा सकता है|
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