Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |

माइग्रेन होने पर - क्या करें? क्या न करें ?

माइग्रेन  होने पर और क्या करें?
1. माइग्रेन होने पर नियमित रुप से,  चिकित्सक  द्वारा बताई गई ओषधियाँ ही लेनी चाहिये।
2. मौसम के बदलाव से खुद को बचाना चा‍हिए और अपना ख्याल रखना चाहिये।
3. आप कम से कम 6-8 घंटे की गहरी नींद जरूर ले।
4. योगा, मेडिटेशन और मार्निंग वॉल्क, खासकर नियमित रुप से व्यायाम करें।
5. भोजन समय पर करें।
6. जब भी घर से बाहर निकले छाता लें और डायरेक्ट सूरज की रौशनी से बचें।
7. बर्फ या ठंडे पानी की पट्टी सिर पर रखें। या सर धोएं, इससे जो रक्त धमनियां फैल गयी हैं, वे फिर से अपनी पूर्व स्थिति पर वापस आ जाये।
8. सिर पर मेहंदी का लेप लगाने से रक्त धमनियां सामान्य हो जाती हें।
9. दालचीनी को पीसकर इसका लेप माथे पर लगायें इससे दर्द से तुरंत आराम मिलेगा।
10. दालचीनी को पाउडर बनाकर दिन में चार बार ठंडे पानी के साथ खाने से भी आराम मिलेगा।
11. माइग्रेन सिर दर्द में अदरक बहुत फायदेमंद है। अदरक के सेवन से मिचली और उल्टी आना बंद हो जायेगी।
12. पिसी दालचीनी, अदरक का पाउडर, पिसी काली मिर्च और तुलसी पत्ती को मिलाकर एक मिश्रित पाउडर बना लें औऱ इसका सेवन शहद के साथ करें। आपको तुरंत फायदा होगा।
13. माइग्रेन सिर दर्द होने पर आराम करने की सख्त जरूरत है। रोशनी और आवाज से दूर रहें। आंख बंद करके सोने की कोशिश करें।
14. हरी पत्तेदार सब्जियों और वैजिटेबल जूस जैसे गाजर, पालक, खीरा खाए। मौसमी फल व सब्जियाँ खायें।
15. रात में हल्का एवं फारबर युक्त भोजन करें, रात को सोते समय एक चम्मच त्रिफला तथा आंवले के चूर्ण का गुनगुने पानी से सेवन करें, पेट साफ रहेगा और आप काफी आराम महसूस करेंगें।
16. सर दर्द शुरू होते ही जीभ की नोक पर एक चुटकी नमक रख लें आधा मिनट बाद पानी पी लें सर दर्द गायब हो जायगा।
माइग्रेन  होने पर -क्या नहीं करे-
1. माइग्रेन हो तो तेज रोशनी एवं तेज शोर से दूर रहे।
2. माइग्रेन होने पर धूप में या फिर ठंडक में घर से बाहर न निकलें।
3. अचार व डिब्बाबंद खाद्य पदार्थ न खाएं। फास्ट फ़ूड विशेषकर मिर्च वाले पदार्थ भी न खाए।
4. माइग्रेन का दर्द होने पर अपना मुंह ठंडे पानी से धोने के बाद अंधेरे कमरे में आराम करे।
5. अपनी आंखों पर ज्यादा जोर न डालें।
6. प्यासे न रहें ।  पानी पर्याप्त मात्रा में पिएं। दिन भर में कम से कम 9 से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
7. कुछ समय के अंतराल पर नियमित रूप से थोड़ा-थोड़ा भोजन करे। एक बार में पेट भर न खाएं।
8. अगर आपको खाद्य पदार्थो से एलर्जी के कारण माइग्रेन हो, तो उन फलों-सब्जियों और अनाज से परहेज़ करें।
9. माइग्रेन पेशेंट कभी भी व्रत ना करें, और ना ही ऐसा भोजन करें जिसमें वसा हो।
10. दबाव या स्ट्रेदस से दूर रहे।
11. माइग्रेन से पीडि़त 16 साल से कम उम्र वाले बच्चों को एसप्रिन नहीं लेनी चाहिये।
12. तेज़ इत्र या पर्फ्यूम ना लगाए। 
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समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|
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