Rescue from incurable disease

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लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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  • केसे बचे माइग्रेन से?

    केसे बचे  माइग्रेन   से?
     माइग्रेन से बचने के कुछ सरल उपाय -
    • प्रतिदिन अधिक पानी पीयें।
    • सलाद और फल अधिक  खायें, खासकर गाज़र, चुकंदर,ककड़ी,आदि खूब खायें।
    • प्रतिदिन कई बार ठण्डे पानी से सर और पैर ज़रूर धोयें। पेरो को दिन में कई बार धोना अधिक लाभकारी हे। शोच/मूत्रत्याग/बहार से आने के बाद/ अधिक देर खड़े और पैर लटकाए  हुए बेठने के बाद ठन्डे पानी से पैर जरुर धोये। भोजन के पूर्व पैर धोने से सर दर्द नहीं होता और तनावों से मुक्ति मिलती हे।
    • सोने से पहले हर रात को नाक में गो-घृत या बादाम का तेल डालें। आयुर्वेदिक "षडबिंदु तेल"/"त्रिफला घृत" अधिक  लाभकारी हे।
    • विबंध या कब्ज नहीं रहना चाहिए यह रोग बने रहने का एक बड़ा कारण हे।इस हेतु त्रिफला चूर्ण/टेब खाना अच्छा हे।
    • खाली पेट मिर्च मसाले वाले नाश्ते या भोजन से बचना चाहिए, यह भी रोग का बड़ा कारण हे। नाश्ते में सुपाच्य बिना मिर्च वाला, सादा खाएं।
    • काम पर जाने के पूर्व कुछ न कुछ खा कर जरुर जाएँ।
    • एसिडिटी अदि की चिकित्सा करें।
    • तनाव से बचने के लिए योग/व्यायाम/प्राणायाम/और देनिक जीवन चर्या में बदलाव लाकर माइग्रेन से छुटकारा पाया जा सकता हें।
    • ध्यान करें, सरदर्द के लक्षणों से बचने का बहुत आसान उपाय है यह क्यों कि ध्यान की मुद्रा में आप पूरी तरह से तनावमुक्त, रहते हैं। सिर्फ 5 मिनट तक ही ध्यान करें, अंदर की ओर सांस लें और बाहर की ओर सांस छोड़ें।
    •  कुछ देर ताज़ा हवा में टहलें, घर या आफिस के सभी कमरे व दरवाज़े ना बंद रखें।
    • अश्वगंधा चूर्ण या केप्सूल प्रति दिन लेने से तनाव मुक्ति मिलती हे।
    • समय पर सोयें और समय पर जागें, सप्ताहांत में भी उसी समय पर उठें जबकि आप रोज़ उठते हों। नींद में कमी करने की आदत को आज से ही बदल डालें। अगर आपको लम्बे समय से नीदं नहीं आ रही है, तो चिकित्सक से संपर्क करें।
    • अपने समय का सही प्रयोग करें, ऐसा करके आप ना केवल अपना काम ठीक प्रकार से कर सकेंगे, बल्कि काम के कारण होने वाले तनाव से भी मुक्ति पा सकेंगे।
    • कुशल आयुर्वेदिक चिकित्सक से कोउन्सलिंग के माध्यम से देनिक जीवन चर्या और आयुर्वेदिक चिकित्सा द्वारा इस भयानक रोग से मुक्ति पाई जा सकती हे। 
    • काम करने के समय काम करें और आराम करने के समय आराम करें। याद रखें आपका काम जितना महत्वपूर्ण है उतना ही आवश्यक है आपका तनावमुक्त होना।
    बिना चिकित्सक के परामर्श दर्द निवारक दवाये रोग को अधिक बड़ा सकती हें या कोम्प्लिकेशनस भी पैदा कर सकती हें।
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    समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|

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