Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
  • Home
  • Contact Us
  • About Me
  • Q & A
  • Article's स्वास्थ्य लेख
  • Panchakarma(पंचकर्म)
  • Common Article
  • Specific article (विशेष लेख)
  • VIDEO
  • आपके प्रश्नो पर हमारे उत्तर - डाईविटीज़ में शहद ?

    Q- dibities roghi sehed kha sakta hain kya..........? Diebities roghi ko konse fruit khane chahiye ........?
    Dhirendra K Vyas ( फेस बुक मेसेज पर )

    A- यह इस बात पर निर्भर है की शुगर प्रॉबलम कितनी है यदि इंसुलिन जरा भी नहीं बन रहा है, ओर इंसुलिन इंजेक्शन लेना पढ़ता है तो किसी भी मात्रा में शहद हानिकारक ही होगी।
         फ्रूट्स केविषय में भी यही बात होगी। एक सामान्य नियम है की हम करेला या नीम सहित जो कुछ भी खाते हें वह ग्लूकोज में बदलता है, जो शरीर की गतिविधि को चलाने में कार में पेट्रोल की तरह काम करता है। यदि अधिक ग्लूकोज हो जाए तो ओवर फ़्लो होने से जैसे स्कूटर कार रुक जाती है वैसे ही शरीर की गतिविधियां भी प्रभावित होती हें। शक्ति के अभाव में अधिक कमजोरी या गतिविधि बंद हो जाती हें। अत: शरीर की आवश्यकता के अनुसार जितना ग्लूकोज शरीर उपयोग कर सकता है वही लेना ठीक होता है । इसलिए प्रत्येक रोगी के लिए फल, भोजन आदि का निर्धारण अलग अलग हो सकता है। अत: यदि किसी एक व्यक्ति को कोई वस्तु हानी नहीं करती तो जरूरी नहीं सभी को हानी न करे।
    सामान्य रूप से वे सभी फल जो मीठे (स्वीट) न हो ले सकते हें। पर  प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|

    ----------------------------------------------------------------------------------------------------
    समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें|

    Book a Appointment.

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

    स्वास्थ /रोग विषयक प्रश्न यहाँ दर्ज कर सकते हें|

    स्वास्थ है हमारा अधिकार

    हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

    चिकित्सक सहयोगी बने:
    - हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल परामर्श चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|