Rescue from incurable disease

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लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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  • अतिनिन्द्रा (बहुत अधिक सोना) - Hypersomnia- प्रश्नों पर उत्तर |

    अतिनिन्द्रा (बहुत अधिक  सोना) - Hypersomnia
    Devki Nandan Golu ने प्रश्न किया
    मुझे इन दिनों बहुत ज्यादा नीद आती है। क्या ये किसी रोग की शुरुआत है? मुझे इस से बचने क लिए क्या उपचार करना चाइये? कृपया कुछ सलाह दीजिये
    उत्तर- कभी कभी आपको लगता है कि आपको दिन के समय भी नीद आ रही जब आपको जगना चाहते हें, सामान्यत: ऐसा रात मे न सोने, कम सोने देरी से सोने के कारण से होता है|

    फिर भी अगर आपको लगता है, कि रात मे पूरी नींद लेने के बाद भी लगातार 1 या 2 हफ्तो तक आपको ज्यादा नीद आ रही हो तो आपको डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए| कुछ शारीरिक रोग जैसे मधुमेह ,वायरल फीवर या थायराइड सम्बंधी समस्या इसका कारण हो सकते है| हालाँकि इसके अतिरिक्त कुछ अन्य कारण भी हो सकते है|
    प्रमुखत: अतिनिद्रा दो प्रकार की हो सकती है| 
      (क) नार्कोलेप्सी (दिन में ज्यादा सोना) रोग से प्रभावित हो सकते हें| 
    हालाँकि यह बहुत कम पाया जाने वाला रोग है,इसी कारण चिकित्सक पहचानने मे अक्सर गलती कर देते है
     आपको दिन भर बहुत नीद महसूस होती है तथा आपको अचानक नीद के गहरे झटके आते है जिसे आप रोक नही पाते है चाहे आप और लोगों के साथ ही क्यों न बैठे हों |
    (ख) कैटालेप्सी जब आप बहुत गुस्से में या उत्तेजित होते है, या हँस रहे होते हैं, तो आप अपनी मासपेशियो नियंत्रण खो देते है और गिर जाते है, इसको कैटालेप्सी कहते हैं|  यह  उम्र के साथ ठीक हो सकता है |
    यह भी हो सकता हे की आप: -
    -जब सोने जाने वाले हो या उठने वाले हो तो कुछ बोल न पाये या चल न पाये (Sleep Paralysis)।
    -अजीब सी आवाजें सुने या स्वप्न जैसी तस्वीरें देखें (Hallucinations)।
    -आप एक स्वचालित यन्त्र की तरह कार्य करते हैं, आप कुछ कार्य कर देते हैं लेकिन आप को पता नहीं चलता। -आप को लगता है कि आप सो रहे थे।
    -घबराहट में अचानक उठ जाएँ।
      नार्कोलेप्सी का कारण हाइपोक्रिटिन नामक तत्व की कमी का होना है।
    चिकित्सा -इसके उपचार के लिये सर्वप्रथम आप नियमित व्यायाम करिये एवं सोने की नियमित दिनचर्या बनाइये। अगर इससे मदद नहीं मिलती है तो कुछ दवाइयाँ आपकी मदद कर सकती हैं।
    जैसे -अश्वगंधारिष्ट, अश्वगंधा चूर्ण या आज कल यह अश्वगंधा घन वटी या केप, डाबर यह स्ट्रेस्कोम केप के नाम से भी बनता है| लाभ दायक है|
    एलोपेथ में इसके लिए एन्टीडिप्रेसेन्ट एवं मोडफ़ेनिल आदि।
    एन्टीडिप्रेसेन्ट जैसे क्लोमिप्रामीन एवं फ़्लूआक्सिटीन कैटालेप्सी में सहायक होती है। इसके अलावा सोडियम आक्सीबेट नाम की नई दवा भी उपलब्ध है।
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