Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
  • Home
  • Contact Us
  • About Me
  • Q & A
  • Article's स्वास्थ्य लेख
  • Panchakarma(पंचकर्म)
  • Common Article
  • Specific article (विशेष लेख)
  • VIDEO
  • मोटापा कम करने वाली दवाईयां

    वर्तमान समय में वजन कम करने के लिए कई प्रकार की दवाइयां मिल रही हें पर क्या सब यह जानते हें की ये मोटापा कम करने वाली आधुनिक दवाईयां लेने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
    • मोटापा कम करने वाली दवाओं के प्रयोग से आँतों में वसा नहीं जमती और वसा मल के साथ निकल जाती है, यानी आपको उतनी ऊर्जा नहीं मिलती जो कि आमतौर पर किसी चीज को खाने से मिलती है और फलस्वरूप आप दुबले होने लगते हैं।
    • इन दवाओं के सेवन से लीवर को नुकसान होता है। दरअसल, गुर्दों को नुकसान पंहुचने का कारण आँतों में ऑक्सेलिक अम्ल का अधिक जमाव होना है, जिससे गुर्दें खराब हो सकते है।
    • शोधों में भी साबित हो चुका है कि मोटापा कम करने वाली दवाएं पैंक्रियाज (अग्न्याशय) को भी नुकसान पहुँचाती है।
    • इन दवाओं से सिर्फ गुर्दों को नुकसान ही नहीं पहुंचता बल्कि गुर्दों में पथरी की शिकायत होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
    • यह दवाएं आपका मोटापा तो शायद कम न कर पाए, लेकिन आपको उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के साथ ही याददाश्त में कमी यानी आपकी स्मरण शक्ति को कमजोर करने जैसी गंभीर बीमारियों को अवश्य बढ़ा देती है।
    • आमतौर पर लोग मोटापा कम करने वाली दवाओं के विज्ञापन देखकर प्रभावित होते हैं , लेकिन दवा कंपनियों द्वारा दिए जा रहे प्रलोभन भविष्य में आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरा बन सकते हैं।
    • यदि आप वजन घटाने के लिए किसी दवा का सेवन करना भी चाहते हैं तो किसी विशेषज्ञ या डाक्टर के परामर्श बिना मोटापा घटाने वाली दवाओं का सेवन न करें।
    • वजन कम करने वाली दवाओं से निद्रा, अवसाद, तनाव रहना, शरीरिक कमजोरी जैसी बीमारियों से ग्रस्त होने का खतरा बढ़ सकता है।
    • यदि मानें तो मोटापा कम करने का सरल व सस्ता उपाय है- नियमित सैर करना। यानी आप नियमित रूप से सैर करके अपने वजन को आसानी से कम कर सकते हैं। या फिर आप बैलेंस डाइट लेकर भी वजन को नियंत्रित कर सकते हैं।
    • इतना ही नहीं युवा वजन घटाने के लिए वेट लूज इंजेक्शंस और कैप्सूल्स तक का इस्तेमाल करते हैं। वेट लूज करने वाली ड्रग्स में क्रोमियम का इस्तेमाल किया जाता है, जो मधुमेह रोगियों को दिया जाता है।
    • आमतौर पर 20 मिनट तक वर्कआउट करने के बाद शरीर की वसा जलनी शुरू होती है, क्योंकि इससे पहले कार्बोहाइड्रेट बर्न होता है। लेकिन ये ड्रग्स आठ से दस मिनट के अंदर ही वसा को जलाना शुरू कर देते हैं।
    • इसके अलावा वजन घटाने वाले कई सप्लीमेंट्स, इंजेक्शंस, दवाओं और ड्रग्स से शरीर में पानी की कमी हो जाती हैं, जिनसे वजन कम होता है। हालांकि ये दवाइयां अपना असर जल्दी दिखाती हैं, लेकिन शरीर में पानी की कमी होने के कारण डीहाइड्रेशन हो जाता है, जिससे मौत भी हो सकती है।
    समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें |.
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

    स्वास्थ /रोग विषयक प्रश्न यहाँ दर्ज कर सकते हें|

    स्वास्थ है हमारा अधिकार

    हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

    चिकित्सक सहयोगी बने:
    - हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल परामर्श चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|