Rescue from incurable disease

Rescue from incurable disease
लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
  • Home
  • Contact Us
  • About Me
  • Q & A
  • Article's स्वास्थ्य लेख
  • Panchakarma(पंचकर्म)
  • Common Article
  • Specific article (विशेष लेख)
  • VIDEO
  • आमवात या अर्थराइटिस लक्षण और रोकथाम

       आमवात या अर्थराइटिस कई प्रकार के अर्थराइटिस मे जोड़ों में दर्द होता है । आपको चलने फिरने में भी तकलीफ हो सकती है । कुछ तरह के अर्थराइटिस मे शरीर के विभिन्न अंग प्रभावित होते हैं, ऐसे में आपको दर्द के साथ कुछ और समस्‍याएं भी हो सकती हैं। 
    जैसे :
    1. बुखार
    2. वज़न घटना
    3. सांस लेने में तकलीफ
    4. त्वचा पर लाल चकत्ते तथा खुजली होना
    5. यह लक्षण किसी और बीमारी के भी प्रतीक हो सकते हैं।

    रोकथाम 


    • अर्थराइटिस आपके जोड़, आंतरिक अंग और त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है । कुछ चीजें आपको नुकसान से बचा सकती हैं और इनसे आप अच्छा भी महसूस करेंगे ।
    • अपना वजन कम रखें ।
    • ज्यादा वजन से आपके घुटने तथा कूल्हों को नुकसान होता है।
    • कसरत तथा जोड़ों को हिलाने से आपको मदद मिलेगी । जोड़ों को हिलाने में डाक्टर या नर्स भी आपकी मदद कर सकते हैं । ऐसा करने से चलने फिरने से भी मदद मिलती है ।
    • अपनी दवा समय समय पर लेते रहें । इनसे दर्द और अकड़न में राहत मिलेगी।
    • सुबह गरम पानी से नहाऐं।
    • आयुर्वेदिक पंचकर्म विशेषज्ञ से मिलकर उचित परामर्श प्राप्त करे | 

    आयुर्वेद चिकित्सा से यह ठीक हो जाता हे |


    समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान ,एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान(शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें |.

    Book a Appointment.

    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...
    Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...

    स्वास्थ /रोग विषयक प्रश्न यहाँ दर्ज कर सकते हें|

    स्वास्थ है हमारा अधिकार

    हमारा लक्ष्य सामान्य जन से लेकर प्रत्येक विशिष्ट जन को समग्र स्वस्थ्य का लाभ पहुँचाना है| पंचकर्म सहित आयुर्वेद चिकित्सा, स्वास्थय हेतु लाभकारी लेख, इच्छित को स्वास्थ्य प्रशिक्षण, और स्वास्थ्य विषयक जन जागरण करना है| आयुर्वेदिक चिकित्सा – यह आयुर्वेद विज्ञानं के रूप में विश्व की पुरातन चिकित्सा पद्ध्ति है, जो ‘समग्र शरीर’ (अर्थात शरीर, मन और आत्मा) को स्वस्थ्य करती है|

    चिकित्सक सहयोगी बने:
    - हमारे यहाँ देश भर से रोगी चिकित्सा परामर्श हेतु आते हैं,या परामर्श करते हें, सभी का उज्जैन आना अक्सर धन, समय आदि कारणों से संभव नहीं हो पाता, एसी स्थिति में आप हमारे सहयोगी बन सकते हें| यदि आप पंजीकृत आयुर्वेद स्नातक (न्यूनतम) हें! आप पंचकर्म केंद्र अथवा पंचकर्म और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रक्रियाओं जैसे अर्श- क्षार सूत्र, रक्त मोक्षण, अग्निकर्म, वमन, विरेचन, बस्ती, या शिरोधारा जैसे विशिष्ट स्नेहनादी माध्यम से चिकित्सा कार्य करते हें, तो आप संपर्क कर सकते हें| 9425379102/ mail- healthforalldrvyas@gmail.com केवल परामर्श चिकित्सा कार्य करने वाले चिकित्सक सम्पर्क न करें|