Rescue from incurable disease

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लाइलाज बीमारी से मुक्ति उपाय है - आयुर्वेद और पंचकर्म चिकित्सा |
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  • Vertigo problem (चक्कर आना).

    प्रश्न-  कमला बाई मेरी मम्मी है, आयु 50 वर्ष है, उन्हें 1 वर्ष से अचानक 2-3 मिनिट के लिए चक्कर आता है, किन्तु बहुत तेज नहीं आते है,
    श्री प्रमोद गुप्ता, महाजन मोहल्ला गांव पोस्ट दुबलिया, तहसील पिड़ावा, जिला झालावाड़ राजस्थान   pramodrsgupta@gmail.com.


     उत्तर - किसी भी स्त्री या पुरुष को चक्कर आने के सामान्यत: निम्न में कोई कारण हो सकता है|

    महिलाओं में माहवारी की समस्या या अधिक रक्त जाना आदि,  ब्लड प्रेशर कम होना. डाईबीटीज के कारण रक्त नालिका का कठोर होना और उससे मस्तिष्क में रक्त कम पहुँचाना| कानो में सूजन होना| रीड की हड्डियों विशेषकर सरवाईकल स्पोंडीलाइटिस के कारण नसों पर दवाव, माइग्रेन, कोई ड्रग्स या दवाओं का विपरीत प्रभाव, खून की कमी, अधिक सम्भोग या हस्त मैथुन करना, अमिविओसिसी, कोलाईटिस, क्रमी आदि कोई पेट का रोग, आँखों में कोई कालापानी अदि रोग, अधिक उपवास या भूखे रहना, धुप और गर्मी में अधिक रहना, शरीर में पानी की कमी या प्यासे रहना|
    आपकी माताजी की आयु 50 वर्ष है, यह समय माहवारी बंद होने का भी है, यदि माहवारी बंद (मेनोपाज) नहीं हुई है, तो कभी कभी अधिक रक्त जाने से चक्कर आते हें|
    चक्कर आने का एक आम कारण आन्तरिक कान की समस्या (Benign paroxysmal positional vertigo (BPPV) होती है इसमें अचानक सिर घुमने लगता है| या एक दिशा में घूमता हुआ लगता है, यह एक दो मिनिट ही रहता है| इसका इलाज आसानी से हो जाता है।
    मेनियर्स रोग' (Meniere's disease) से भी चक्कर आते हें|  चक्कर के कान में आवाज आना, सुनना बंद होने लगता है|  कभी-कभी किसी भी लक्षण होते ही नहीं|
     अधिकांश मामलों में चक्कर आने पर विशेष हानि नहीं होती, पर कभी कभी कोई समस्या हो सकती है| इसलिए लिए तुरन्त विशेषज्ञ परामर्श लेना चाहिए विशेषकर जब चक्कर के साथ कोई भी वस्तु दो दिखाई देती हो (डबल विजन) हो, सिरदर्द ,कमजोरी, बोलने में परेशानी, असामान्य नेत्र गति हो चेतना में परिवर्तन (Altered level of consciousness)  क्रियाकलाप का अभाव अथवा परेशानी उत्पन्न हो, चलने में परेशानी अथवा हाथ और पैर को नियंत्रित करने में कठिनाई हो तो लापरवाही उचित नहीं|
    चक्कर आने पर क्या करें-
    जिस स्थिति में चलने पर चक्कर आता हो, उस स्थिति से बचें। भोजन में विटामिन बी कॉम्पलैक्स वाली सब्जी, फल आदि लें| सदा आसानी से पचने वाला खाना खाएं| जीवन चर्या नियमित करें, भोजन का समय निश्चित रखें तथा स्वास्थ्य नियमों का पालन करें। नित्य व्यायाम व योग और प्रात घुमने जाएँ।

    चिकित्सक को दिखा कर रोग निर्णय करे, स्वयं मन से कोई दवा न खाएं| रक्तचाप बढ़ रहा हो तो एकदम खड़े न हों| मिर्च मसाले वाले उत्तेजक खाद्य पदार्थों का सेवन न करें| सामान्य ठंडे पानी से स्नान करें। 
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    समस्त चिकित्सकीय सलाह रोग निदान एवं चिकित्सा की जानकारी ज्ञान (शिक्षण) उद्देश्य से हे| प्राधिकृत चिकित्सक से संपर्क के बाद ही प्रयोग में लें| इसका प्रकाशन जन हित में किया जा रहा है।
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