Rescue from incurable disease

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  • बहेड़ा (टर्मिनेलिया वेलेरिका) - तीसरा सर्व श्रेष्ट आरोग्यकर ओषध|

    बहेड़ा हिंदी में और संस्कृत में बिभीतक अंग्रेजी में Bedda nuts लेटिन में टर्मिनेलिया वेलेरिका के नाम से जाने जाने वाला त्रिफला का एक घटक लगभग चालीस फिट तक या ओअर भी अधिक की उचाई वाला गोल ताने का एक विशाल वृक्ष 3 से 8 इंच तक के अंडाकार चोड़ाई वाले पत्ते वाला शीतकाल से फूल कर ग्रीष्म तक फलने वाली वनस्पति हे।  
     बहेड़े के फल के छिलके या बक्कल का त्रिफला या अन्य ओषधियों में प्रयोग किया जाता हे। इसकी विशेष क्रिया गले और श्वास नलियों पर होती हे। इसीकारण इसका प्रयोग सर्दी जुकाम,खांसी,स्वरभंग, आदि में विशेष रूप से किया जाता हे। 


    इसके बारे में आचार्य सुश्रुत ने लिखा हे- 
       भेदन करने वाला या दस्त लगाने वाला रुखा और गर्मप्रक्रति वाला सर्वोत्तम कृमि नाशक होता हे। नेत्रों को हितकारी,स्वाद बढाने वाला, उदर(पेट) में पहुच कर मधुर पाची, स्वाद में कसेला, कफ पित्त को नष्ट करने वाला होता हे। 

    बहेड़े के फल के छिलके को आँखों के दर्द में ने पर घिसकर लगाने से लाभ होता हे।
    भूख बडाने वाला यह ओषध तीसरा सर्व श्रेष्ट आरोग्यकर होने से त्रिफला में प्रयुक्त होता हे।
    इसको गुड के साथ खाने से नपुंसकता दूर होती हे। भेदे का छिलका चूसने से खांसी मिटती हे।
    अकेले इसका बहुत अधिक सेवन गुर्दे को हानि कर सकता हे पर यदि शहद या शक्कर के साथ लें तो हानि नहीं पहुचती। पर त्रिफला के रूप में भी कोई हांनी नहीं करता। 
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